साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा असर
- Post By Admin on Aug 07 2026
नई दिल्ली : वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह पूर्ण सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में घटित होगा। हालांकि यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, इसलिए देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और कुछ राशियों के जातकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के लोगों पर अधिक पड़ सकता है। इन राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक मामलों, स्वास्थ्य और यात्रा से जुड़े निर्णयों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मेष राशि के जातकों के लिए पारिवारिक और घरेलू मामलों में संयम बरतना आवश्यक माना गया है। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति से बचने और संपत्ति या वाहन संबंधी मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
कर्क राशि में ग्रहण होने के कारण इस राशि के लोगों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक माना जा रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान मानसिक तनाव, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में जल्दबाजी से बचने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई है।
तुला राशि के जातकों को करियर और कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है। कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद में सावधानी रखने की जरूरत पड़ सकती है। नए प्रोजेक्ट या बड़े बदलाव से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है।
वहीं मकर राशि के लोगों को साझेदारी वाले कार्यों और रिश्तों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है। जीवनसाथी या व्यावसायिक सहयोगियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। नए निवेश, अनुबंध या महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से सामान्य पूजा-पाठ और दैनिक गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। फिर भी ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दिन धैर्य, सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखना लाभदायक माना जाता है। बड़े आर्थिक निर्णय, अनावश्यक यात्राएं और आवेश में लिए गए फैसलों से बचने की सलाह दी गई है।