बलूचिस्तान के खजाने पर अमेरिका की नजर, रेको डिक परियोजना में निवेश की घोषणा
- Post By Admin on Feb 07 2026
इस्लामाबाद/वॉशिंगटन : अमेरिका ने पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रेको डिक सोना-तांबा खनन परियोजना में करीब 1.3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर दी है। यह परियोजना पाकिस्तान–ईरान सीमा के पास स्थित है और इसकी कुल लागत लगभग 7 अरब डॉलर आंकी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2028 के अंत तक यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना कनाडा की प्रमुख खनन कंपनी बैरिक माइनिंग कॉर्प और पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियों के संयुक्त सहयोग से विकसित की जा रही है। अमेरिकी निवेश यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट बैंक (एक्ज़िम बैंक) के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना में बैरिक की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत तीन संघीय सरकारी कंपनियों के पास और 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बलूचिस्तान सरकार के पास होगी।
हालांकि परियोजना को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आ रही हैं। बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी और जिहादी संगठनों की गतिविधियां जारी हैं, जिससे खदान की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। इसके साथ ही तांबे के कंसंट्रेट को कराची तक पहुंचाने और फिर विदेश में प्रोसेसिंग के लिए रेलवे ढांचे को आधुनिक बनाने की आवश्यकता भी जताई जा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन और एशियन डेवलपमेंट बैंक समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान मिलकर 2.6 अरब डॉलर से अधिक का फाइनेंसिंग पैकेज तैयार कर रहे हैं। रेको डिक परियोजना को पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश की खनिज नीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने इस निवेश का स्वागत करते हुए इसे पाकिस्तान के खनन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय भरोसे का संकेत बताया है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना अपने पूरे जीवनकाल में अरबों डॉलर का राजस्व उत्पन्न करेगी और आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।