तेल खरीद पर भारत को खुली छूट, रूस का दो टूक— यह न नया है, न हमारे खिलाफ
- Post By Admin on Feb 06 2026
मॉस्को : रूस ने साफ किया है कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने की नीति न तो नई है और न ही मॉस्को के खिलाफ मानी जानी चाहिए। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस कभी भी भारत का एकमात्र ऊर्जा साझेदार नहीं रहा है, इसलिए तेल खरीद के स्रोतों में बदलाव को असामान्य बताना गलत होगा।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेस्कोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की वास्तविकता यह है कि भारत लंबे समय से विभिन्न देशों से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदता रहा है। रूस भी इस तथ्य से भली-भांति परिचित है कि वह भारत को आपूर्ति करने वाला अकेला देश नहीं है, ऐसे में नई दिल्ली द्वारा विकल्प तलाशना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
यह बयान उस दावे के बाद सामने आया है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत रूस से तेल खरीद कम करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से कच्चा तेल लेने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि मॉस्को को भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद रोकने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की तरफ से ऐसा कोई संकेत अब तक नहीं आया है।
वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भी भारत-रूस ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोकार्बन व्यापार न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करता है। जखारोवा ने दोहराया कि रूस अपने भारतीय साझेदारों के साथ ऊर्जा क्षेत्र में करीबी सहयोग जारी रखने के लिए तैयार है।