नेपाल फ्लैश फ्लड: 165 मौतों के बाद भी नहीं थमा संकट, 826 लोग लापता

  • Post By Admin on Aug 27 2026
नेपाल फ्लैश फ्लड: 165 मौतों के बाद भी नहीं थमा संकट, 826 लोग लापता

काठमांडू : नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और तेज जलप्रवाह से अब तक 165 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 826 लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार लापता लोगों में बड़ी संख्या पर्यटकों की है। करीब 579 पर्यटकों के लापता होने की सूचना है। इसके अलावा 85 सुरक्षाकर्मी और हाइड्रोपावर परियोजनाओं तथा सीमा शुल्क कार्यालयों से जुड़े 162 कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक 300 से अधिक भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी में भोटेकोशी नदी के उफान ने भारी नुकसान पहुंचाया है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार बाढ़ से नौ जलविद्युत परियोजनाएं और वाणिज्यिक बैंकों की नौ शाखाएं तबाह हुई हैं। इसके अलावा 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर राजमार्ग के बहने की जानकारी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक लापता 579 यात्रियों में 466 विदेशी और 113 नेपाली नागरिक शामिल हैं। बाढ़ के कारण कई इलाकों में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों को लेकर बढ़ी चिंता

बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों से 54 और पुडुचेरी से तीन लोग मानसरोवर यात्रा पर गए हैं। इसके अलावा चेन्नई के एक टूर ऑपरेटर के माध्यम से 49 तीर्थयात्री भी यात्रा पर गए थे। इस तरह कुल 106 यात्रियों की स्थिति का पता लगाया जा रहा है।

ईशा फाउंडेशन की ‘सैक्रेड वॉक्स’ यात्रा से जुड़े कुछ कैलाश मानसरोवर यात्री और स्वयंसेवकों के भी फंसे या लापता होने की सूचना है। संगठन की ओर से बताया गया है कि बाढ़ के बाद संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण संबंधित समूहों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 21 समूह रवाना हुए हैं।

भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री

नेपाल में राहत अभियान में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़का राज पौडेल को सौंपी। भारतीय पक्ष ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हरसंभव सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

बिहार-यूपी सीमा पर भी निगरानी बढ़ी

नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार से लगे सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन सतर्क हो गया है। कुशीनगर के कई गांवों में ग्रामीण रातभर पानी के स्तर पर नजर रखते रहे। हालांकि रात में बाढ़ का नया पानी घरों तक नहीं पहुंचा, लेकिन लगातार बारिश से कई रास्तों पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

कुशीनगर और बिहार को जोड़ने वाले शिवपुर, बसंतपुर और मार्चहवा गांवों के रास्तों पर भी पानी जमा है। छोटी नदियों और नालों के उफान पर होने से कई सड़कें प्रभावित हुई हैं और छोटे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है। प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले संभावित अतिरिक्त जलप्रवाह पर बनी हुई है।