जनरल अलेक्सेयेव पर हमले के बाद रूस का दावा– शांति वार्ता बिगाड़ने की साजिश

  • Post By Admin on Feb 10 2026
जनरल अलेक्सेयेव पर हमले के बाद रूस का दावा– शांति वार्ता बिगाड़ने की साजिश

मास्को : रूस की राजधानी मास्को में मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी (जीआरयू) के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रूसी जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि इस हमले को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी दुबई से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे रूस डिपोर्ट कर दिया गया है। रूस ने स्पष्ट किया है कि शूटर कोई विदेशी नहीं, बल्कि उसी का नागरिक है।

यह घटना शुक्रवार को मास्को के उत्तर-पश्चिमी इलाके में उस वक्त हुई, जब 64 वर्षीय जनरल अलेक्सेयेव एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के बाहर थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है और हालत नाजुक बताई जा रही है।

रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान ल्युबोमिर कोरबा के रूप में हुई है। वारदात के बाद वह दुबई भाग गया था, लेकिन वहां से उसे पकड़कर रूस वापस लाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस साजिश में दो अन्य लोग शामिल थे। एक आरोपी को मास्को से गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी यूक्रेन फरार होने में सफल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

इस हमले को लेकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे यूक्रेन प्रायोजित आतंकी कार्रवाई बताया है। उन्होंने आशंका जताई कि इस हमले का उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारना है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ही अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच दो दिवसीय शांति वार्ता संपन्न हुई थी। उस वार्ता में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जीआरयू चीफ एडमिरल इगोर कोस्त्युकॉव कर रहे थे।

घायल जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव रूस की सेना के बेहद प्रभावशाली अधिकारी माने जाते हैं। वह वर्ष 2011 से जीआरयू के पहले डिप्टी चीफ हैं और सीरिया में रूसी सैन्य अभियान में भूमिका के लिए उन्हें ‘हीरो ऑफ रूस’ सम्मान से नवाजा जा चुका है। जून 2023 में वैगनर ग्रुप के विद्रोह के दौरान भी वे अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने येवगेनी प्रिगोजिन से बातचीत कर हालात संभालने में अहम भूमिका निभाई थी।

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूसी सेना के शीर्ष अधिकारियों पर हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। दिसंबर 2025 में लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव और अप्रैल में लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की कार बम धमाकों में मौत हो चुकी है। इससे पहले दिसंबर 2024 में लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरीलोव की भी बम धमाके में जान गई थी। रूस इन घटनाओं के लिए लगातार यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराता रहा है, जबकि कुछ मामलों में यूक्रेन ने खुद जिम्मेदारी भी स्वीकार की है।