दिल्ली-बिहार यात्रा होगी आसान, 18 प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली बस सेवा का प्रस्ताव तैयार

  • Post By Admin on Aug 10 2026
दिल्ली-बिहार यात्रा होगी आसान, 18 प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली बस सेवा का प्रस्ताव तैयार

पटना : दिल्ली में रहने वाले बिहार के लाखों लोगों के लिए आने वाले समय में यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो सकती है। दिल्ली सरकार बिहार के 18 प्रमुख शहरों के लिए सीधी अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने बिहार सरकार को अंतर राज्यीय पारस्परिक परिवहन समझौते (इंटर स्टेट रेसिप्रोकल ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट) का प्रस्ताव भेजा है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो बिहार के यात्रियों को दिल्ली तक बिना बस बदले सीधा सड़क संपर्क मिल सकेगा। इसका उद्देश्य दिल्ली और बिहार के बीच लगातार बढ़ रही यात्री संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।प्रस्तावित योजना के तहत दिल्ली से पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, बिहारशरीफ, बक्सर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और नवादा सहित कुल 18 शहरों के लिए बस सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

दिल्ली और पटना के बीच चार अलग-अलग रूट प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि दिल्ली-गया और दिल्ली-मुजफ्फरपुर के लिए दो-दो रूट तय किए गए हैं। बसें दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, यानी दिल्ली से बिहार और बिहार से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को समान सुविधा मिलेगी। इस प्रस्ताव में सबसे लंबा रूट दिल्ली से किशनगंज का है, जिसकी अनुमानित दूरी लगभग 1,416 किलोमीटर होगी। दिल्ली-पूर्णिया रूट करीब 1,390 किलोमीटर और दिल्ली-अररिया रूट लगभग 1,348 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। वहीं दिल्ली-पटना मार्ग की दूरी अलग-अलग रूटों के अनुसार लगभग 1,045 से 1,182 किलोमीटर के बीच हो सकती है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह केवल नई बस सेवा नहीं होगी, बल्कि बिहार और राष्ट्रीय राजधानी के बीच लंबी दूरी की सीधी सड़क यात्रा का एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकती है। इससे विशेष रूप से उन यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो ट्रेन में सीट नहीं मिलने या हवाई यात्रा के महंगे होने के कारण सड़क मार्ग को प्राथमिकता देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से दिल्ली और बिहार के बीच आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक संपर्क और मजबूत होंगे। त्योहारों, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में बिहार लौटने वाले प्रवासी लोगों के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण राहत प्रदान कर सकती है। फिलहाल प्रस्ताव पर दोनों राज्यों के बीच औपचारिक सहमति और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। समझौते को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही बस सेवाओं के संचालन की तिथि और विस्तृत रूट योजना की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।