भाजपा और संघ से जुड़ी रहीं सुशीला सिंह नहीं रहीं, सामाजिक-राजनीतिक जगत में शोक की लहर

  • Post By Admin on May 17 2026
भाजपा और संघ से जुड़ी रहीं सुशीला सिंह नहीं रहीं, सामाजिक-राजनीतिक जगत में शोक की लहर

लखीसराय के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व जिला सरसंघचालक, के.एस.एस. कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के संरक्षक रहे स्वर्गीय प्रो. महेश प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी सुशीला सिंह का निधन हो गया। वह 89 वर्ष की थीं। पिछले करीब एक सप्ताह से दिल्ली स्थित मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अचानक सांस लेने में गंभीर परेशानी होने के बाद उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया गया, जहां मेदांता अस्पताल में उनका सघन इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया। सुशीला सिंह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़ी रहीं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती थीं। वह भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय महिला कार्यकर्ता के रूप में भी पहचान रखती थीं। बताया जाता है कि उन्होंने अपना निजी मकान संघ कार्यालय संचालन के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया था, जिसे उनके संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

धर्मपरायण, सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण वह सामाजिक रूप से काफी सम्मानित थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, संघ कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। सुशीला सिंह का पार्थिव शरीर दिल्ली से आज शाम लखीसराय के पुरानी बाजार स्थित उनके आवास ‘रुद्राक्ष’ लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अगले दिन सुबह पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वह अपने पीछे बेटा-बहू, बेटी-दामाद, नाती-नातिन और पोते-पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके दामाद एवं राष्ट्रीय सहारा हिंदी दैनिक के पूर्व संपादक रामाकांत प्रसाद चंदन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।