तीन दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव पर प्रेमचंद रंगशाला में सजा इंद्रधनुष

  • Post By Admin on Jan 31 2026
तीन दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव पर प्रेमचंद रंगशाला में सजा इंद्रधनुष

पटना: पूर्व क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता द्वारा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक शाम 04:30 बजे से तीन दिवसीय राष्ट्रीय नृत्य, शिल्प एवं व्यंजन महोत्सव “इंद्रधनुष” का आयोजन प्रेमचंद रंगशाला, राजेंद्र नगर, पटना में किया जा रहा है। इस महोत्सव का संपादन पूर्व क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता के उप निदेशक तापस सामंतराय तथा सहायक अभियंता राजर्षि चंद्रा द्वारा किया जा रहा है।

पूर्व क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी), कोलकाता संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्थापित सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सांस्कृतिक रूप से एक सूत्र में बांधना है। इस केंद्र के अंतर्गत असम, बिहार, झारखंड, मणिपुर, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल तथा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

आज 31 जनवरी 2026 को महोत्सव के दूसरे दिन शाम 05:30 बजे कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद रंजना झा एवं समूह द्वारा लोकगीत गायन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके उपरांत बिहार के रंग सेतु, पटना द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें कलाकार विभिन्न राज्यों की स्थानीय पोशाकों में मंच पर प्रस्तुत हुए। आगे कार्यक्रम में साकार कलाकृति, पटना तथा दीपक एवं समूह, भागलपुर द्वारा बिहार के लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सात राज्यों के कलाकारों की संयुक्त कोरियोग्राफिक प्रस्तुति हुई, जिसे बिहार के युवा कोरियोग्राफर राजीव कुमार रॉय ने तैयार कराया था। महोत्सव में लोकनृत्यों की भव्य और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रेमचंद रंगशाला के बाह्य परिसर में पारंपरिक शिल्प मेला, कलाकारों की चित्रकला कार्यशाला तथा खान-पान मेला भी आयोजित किया गया, जहां लोगों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लिया। इस अवसर पर लोक पंच के कलाकारों के साथ बड़ी संख्या में कलाप्रेमी दर्शक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महोत्सव का समापन 1 फरवरी 2026 को किया जाएगा। समापन दिवस पर बिहार के लोकगीत एवं लोकनृत्य, सात राज्यों के लोक कलाकारों की कोरियोग्राफिक प्रस्तुति “इंद्रधनुष” तथा पारंपरिक वेशभूषा प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।