लोक संस्कृति का उत्सव : राखी की लाज नाटक ने दर्शकों को किया भावविभोर

  • Post By Admin on Jan 31 2026
लोक संस्कृति का उत्सव : राखी की लाज नाटक ने दर्शकों को किया भावविभोर

मुजफ्फरपुर : अहियापुर स्थित प्रोग्रेसिव सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय 'मुजफ्फरपुर लोक संस्कृति महोत्सव' का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से मुजफ्फरपुर जनहित प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित इस महोत्सव के अंतिम दिन लोक कलाओं और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

अभिनय से जीवंत हुई 'राखी की लाज'

कार्यक्रम के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध नाटक 'राखी की लाज' का मंचन रहा। कलाकारों के मर्मस्पर्शी अभिनय ने वहां मौजूद दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नाटक में सुनील कुमार, अनीता कुमारी, गोलू कुमार, श्वेता कुमारी और आदित्य सुमन सहित अन्य कलाकारों ने अपने पात्रों में जान फूंक दी। इसके अलावा पारंपरिक कठपुतली नृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह की खूब तालियां बटोरीं।

संस्कृति से ही संभव है देश का विकास

सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री प्रभात कुमार रंजन और श्री राजकुमार राय ने लोक संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट वक्ता अविनाश कुमार ने कहा, "किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी संस्कृति पर टिकी होती है, और संस्कृति की जड़ें हमारी लोक परंपराओं में निहित हैं।"

कलाकार बनता है एक बेहतर इंसान

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के सचिव डॉ. अरुण कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं है; “कलाकार बनते-बनते मनुष्य एक बेहतर इंसान बन जाता है।”

इस सफल आयोजन में कमलेश कुमार, शिव कुमार, चंदेश्वर राम, दीपू कुमार, खुशबू कुमारी और अनिल कुमार ठाकुर जैसे कलाकारों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर बड़ी संख्या में कलाप्रेमी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।