मध्य प्रदेश का गौरव : जावरा चौपाटी के राजा को लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में मिली जगह
- Post By Admin on Aug 29 2025

रतलाम : मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में ‘ज्वाला श्री गणेश उत्सव समिति’ ने अपने 15वें गणेशोत्सव के दौरान इतिहास रच दिया। समिति द्वारा तैयार की गई विशाल 22 फीट ऊंची मिट्टी की गणेश प्रतिमा को लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस प्रतिमा को 'चौपाटी के राजा' के नाम से जाना जाता है। यह उपलब्धि न केवल जावरा और रतलाम के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और देश के लिए भी सम्मानजनक साबित हुई है।
समिति की ओर से निर्मित इस गणेश प्रतिमा को तैयार करने में मृदा आकृति मूर्ति आर्ट्स, उज्जैन की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बंगाल के 10 कुशल कारीगरों ने तीन महीनों की अथक मेहनत के बाद इसे पूर्ण किया। प्रतिमा की लंबाई 22 फीट, चौड़ाई 10 फीट और मोटाई 6 फीट है, और इसे पूरी तरह से गंगा की मिट्टी से बनाया गया है। समिति ने इसे विश्व रिकॉर्ड के लिए नामांकित किया, जिसे चयनित कर प्रमाणित किया गया।
लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ज्यूरी गणेश चतुर्थी के अवसर पर जावरा पहुंची और विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय तथा समिति के सदस्यों को प्रमाण पत्र सौंपा। ज्यूरी में शैलेंद्र सिंह सिसोदिया और धरम यादव के साथ मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय भी उपस्थित थे। विधायक डॉ. पांडेय ने इस उपलब्धि को समिति की मेहनत और पूरी जावरा विधानसभा के प्रयासों का प्रतीक बताते हुए इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
समिति के सदस्य राकेश राठौड़ ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से इस प्रतिमा की स्थापना की जाती रही है, लेकिन इस बार जावरा के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल साबित हुआ। उन्होंने कहा, "यह प्रतिमा सिर्फ जावरा की नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी मिट्टी की गणेश मूर्ति में से एक है। जहां अन्य स्थानों पर मूर्तियां पॉलिएस्टर या पीओपी से बन रही हैं, हमने इसे पूरी तरह प्राकृतिक मिट्टी से बनाया है। यही कारण है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली।"
समिति द्वारा आयोजित नौ दिनों के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चे और स्थानीय कलाकारों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन, संगीत और नृत्य जैसे कार्यक्रमों ने उत्सव की रंगत बढ़ाई। समिति ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदाय को एकत्रित करने और बच्चों में कला और संस्कृति के प्रति रुचि जागृत करने का भी अवसर प्रदान करता है।
इस उपलब्धि ने जावरा को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है और यह शहर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण बन गया है। 'चौपाटी के राजा' न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह कला, परिश्रम और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी बन गया है।