NCR को मिलेगी नई रफ्तार: गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक हाई-स्पीड नमो भारत कॉरिडोर का खाका तैयार
- Post By Admin on Aug 04 2026
ग्रेटर नोएडा: दिल्ली-एनसीआर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले लगभग 64 किलोमीटर लंबे नमो भारत (RRTS) रैपिड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। करीब ₹19,390 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने के साथ-साथ लाखों यात्रियों के सफर को आसान बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई 64 किलोमीटर होगी, जिसमें 51 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 13 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आएगा। इस हाई-स्पीड रेल परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे ट्रैफिक के दबाव को कम करना, सुरक्षित एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना और विभिन्न शहरों के बीच यात्रा समय को घटाना है।परियोजना के शुरू होने के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले कर्मचारियों, छात्रों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण कड़ी ग्रेटर नोएडा का सूरजपुर इंटरचेंज स्टेशन होगा। यहां यात्रियों को नमो भारत नेटवर्क के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से भी निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पूरे एनसीआर में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और अधिक मजबूत होगा। डीपीआर तैयार होने के बाद अब परियोजना के अनुमोदन, वित्तीय स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के पूरा होने से न केवल परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा, बल्कि एनसीआर में निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।