जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन पर मंत्री का सख्त संदेश, वार्ता में बाहरी दखल स्वीकार नहीं
- Post By Admin on Aug 07 2026
रांची : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ प्रस्तावित वार्ता से पहले राज्य सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया है कि सरकार केवल छात्रों से सीधे संवाद करेगी और किसी बाहरी व्यक्ति को वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाएगी।
मंत्री ने आंदोलनरत छात्रों द्वारा सरकार को सौंपी गई 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह संवेदनशील और तैयार है, लेकिन प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार का नाम शामिल किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह आंदोलन छात्रों का है, तो सूची में बाहरी व्यक्तियों के नाम शामिल होने का औचित्य स्पष्ट होना चाहिए।
मंत्री ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और तथाकथित कोचिंग माफिया पर्दे के पीछे रहकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहती है और उनकी चिंताओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि वार्ता का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए बातचीत सीधे छात्र प्रतिनिधियों के साथ ही की जाएगी।
गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता को इस आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रतिनिधिमंडल की सूची को लेकर उठे विवाद के बीच बातचीत की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।