कोसी में बढ़ते जलस्तर के बीच बराज पर मेंटेनेंस, सीमांचल में बढ़ी बाढ़ की आशंका
- Post By Admin on Jun 29 2026
सुपौल : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की संभावना जताए जाने के बीच कोसी बराज पर चल रहे मेंटेनेंस कार्य को लेकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग पीक मानसून के दौरान बराज के फाटकों पर हो रहे कार्य को संभावित जोखिम बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कोसी बराज के 56 फाटकों के रखरखाव, रंग-रोगन और यांत्रिक मरम्मत का लगभग 20.60 करोड़ रुपए का पांच वर्षीय ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। वर्तमान में फाटकों पर सैंड ब्लास्टिंग, प्राइमर और पेंटिंग का कार्य चल रहा है। निर्माण सामग्री बराज पुल पर रखे जाने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
कोसी बराज बिहार और नेपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-57 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री के कारण पुल पर अक्सर जाम लग रहा है, जिससे यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। इस बीच कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह कोसी बराज पर 85,830 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जिसके कारण नौ फाटक खोले गए हैं। इससे पहले 22 जून को जलप्रवाह बढ़कर 1.86 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचने पर 22 फाटक खोलने पड़े थे। ऐसे में लोगों का कहना है कि मानसून के चरम समय में सभी फाटक पूरी तरह संचालन योग्य स्थिति में रहने चाहिए।
ग्रामीणों और तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों का कहना है कि बराज के फाटकों का रखरखाव अक्टूबर से मार्च के बीच कराया जाना अधिक सुरक्षित होता है। उनका मानना है कि बाढ़ के दौरान यदि किसी फाटक में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई तो सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया जैसे जिलों पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। वहीं, यांत्रिक प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार बाढ़ अवधि में भी कुछ प्रकार के मेंटेनेंस कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश होने पर पेंटिंग का कार्य रोक दिया जाता है तथा परिस्थितियों के अनुसार कार्य का संचालन किया जाता है।