सी.एम. साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने लगाया शोषण का आरोप

  • Post By Admin on Jun 08 2026
सी.एम. साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने लगाया शोषण का आरोप

दरभंगा: सी.एम. साइंस कॉलेज, दरभंगा में इंटर्नशिप प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए इंटर्नशिप के नाम पर कथित आर्थिक शोषण, मनमानी और छात्र अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।

महाविद्यालय अध्यक्ष आलोक झा एवं महिला अध्यक्ष स्नेहा झा के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन का घेराव कर अपनी मांगों को मजबूती से उठाया। संगठन का आरोप है कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा इंटर्नशिप के लिए छह कंपनियों को मान्यता दी गई है, लेकिन कॉलेज प्रशासन छात्रों पर एक विशेष कंपनी से ही इंटर्नशिप करने का दबाव बना रहा है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के अनुसार विश्वविद्यालय के निर्देशों के तहत छात्र-छात्राओं को अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त कंपनी का चयन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि छात्रों को विकल्प चुनने के अधिकार से वंचित करना पूरी तरह अनुचित है।

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने फिजिक्स विभाग के अतिथि प्राध्यापक रवि रंजन पर भी गंभीर आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि जब छात्र प्रतिनिधि इंटर्नशिप से संबंधित समस्याओं को लेकर बातचीत करने पहुंचे, तब उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि उन्हें बातचीत का अवसर देने के बजाय कक्ष से बाहर निकाल दिया गया तथा भविष्य में इंटरनल और प्रैक्टिकल परीक्षाओं में कम अंक देकर “सबक सिखाने” की धमकी दी गई। महाविद्यालय अध्यक्ष आलोक झा ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय ने छह कंपनियों को मान्यता दी है, तो छात्रों को किसी भी कंपनी का चयन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से छात्रों पर दबाव बना रहा है।

महिला अध्यक्ष स्नेहा झा ने कहा कि इंटर्नशिप छात्रों के भविष्य और कौशल विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसमें किसी प्रकार की जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि छात्राओं सहित सभी विद्यार्थियों को अपनी पसंद की कंपनी चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।महाविद्यालय उपाध्यक्ष सूरज कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने और डराने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं कोषाध्यक्ष साहिल चौधरी ने इंटर्नशिप प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।

महाविद्यालय प्रवक्ता आशीष कुमार एवं सोशल मीडिया प्रभारी राहुल कुमार ने कहा कि मिथिला स्टूडेंट यूनियन हमेशा छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस दौरान आदर्श रॉय, इंदर श्रीवास्तव, अमन मिश्रा और शिवम ठाकुर सहित कई छात्र नेताओं ने भी छात्रों के साथ हो रहे कथित शोषण को तत्काल बंद करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।