मंदाकिनी फिर हुई विकराल, चित्रकूट में प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

  • Post By Admin on Sep 01 2026
मंदाकिनी फिर हुई विकराल, चित्रकूट में प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

चित्रकूट : भीषण बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहे चित्रकूट में एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं। रविवार रात हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इससे पहले दो दिन पूर्व मंदाकिनी ने ऐसा विकराल रूप धारण किया था कि नदी का जलस्तर अब तक के पुराने रिकॉर्ड से ऊपर पहुंच गया था। उस समय नदी खतरे के निशान से करीब साढ़े आठ मीटर ऊपर बह रही थी। रविवार शाम जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों ने राहत की सांस ली थी। कई लोग अपने घरों की स्थिति देखने पहुंचे और बाढ़ से जमा मलबा हटाने तथा जरूरी सामान निकालने में जुट गए थे।

इसी बीच रविवार रात से दोबारा तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह तक बारिश जारी रहने के कारण मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा और नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। रामघाट की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन भी रोक दिया गया। रामघाट और आसपास के इलाके पहले से ही बाढ़ की चपेट में हैं, ऐसे में दोबारा पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए चित्रकूट के प्रभारी मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति देखी और बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सर्वे के आधार पर पात्र लोगों को शासन के नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद कृष्णा देवी पटेल ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने रामघाट पहुंचकर स्थानीय दुकानदारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसके अलावा कर्वी स्थित मंदाकिनी पुल के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग का भी निरीक्षण किया।

भीषण बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी चित्रकूट के कई हिस्सों में तबाही के निशान मौजूद हैं। सड़कों और गलियों में जगह-जगह मलबा जमा है। लगातार सफाई अभियान चलाए जाने के बावजूद कई प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। कई परिवारों को घरों के भीतर ही रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन की टीमें राहत, बचाव, सफाई और मलबा हटाने के काम में लगातार जुटी हुई हैं।