बिहार में बाढ़ से स्थायी राहत की कवायद, सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्र से मांगे 11 हजार करोड़

  • Post By Admin on Sep 01 2026
बिहार में बाढ़ से स्थायी राहत की कवायद, सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्र से मांगे 11 हजार करोड़

पटना : बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने और जल संसाधन से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के सामने करीब 11 हजार करोड़ रुपए की सहायता की मांग रखी है। दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हुई बैठक में बिहार की प्रमुख सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची लिंक परियोजना के पहले चरण में वित्तीय प्रगति धीमी रहने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। करीब 3,652.56 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पहले चरण के लिए 965.41 करोड़ रुपए निर्धारित हैं, लेकिन अब तक 156.745 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शेष राशि जल्द जारी करने की मांग करते हुए परियोजना के दूसरे चरण के डीपीआर को भी शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया।

पश्चिमी कोसी नहर परियोजना को लेकर भी केंद्र से वित्तीय सहयोग की मांग की गई। इस परियोजना का डीपीआर करीब 8,338.89 करोड़ रुपए का है और इसका पहला चरण बिहार सरकार अपने संसाधनों से शुरू कर चुकी है। राज्य सरकार ने इंद्रपुरी जलाशय योजना, सोन-फल्गु रिवर लिंक परियोजना और सारण बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिकासी परियोजना को केंद्रीय बजट 2026-27 में शामिल करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने नेपाल से जुड़ी कोसी हाई डैम, कमला बहुउद्देशीय और बागमती बांध परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने इन परियोजनाओं के सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। वहीं, बांग्लादेश के साथ जल समझौते के नवीनीकरण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समझौते में बिहार के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने देश में राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति तैयार करने की मांग भी रखी।

बाढ़ प्रबंधन के लिए संचालित फ्लड मैनेजमेंट एंड बॉर्डर एरिया प्रोग्राम (FMBAP) के तहत बिहार के लिए केंद्रीय बजटीय प्रावधान बढ़ाने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार देश के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में शामिल है। राज्य का करीब 73 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता है और गंगा, कोसी तथा बागमती समेत कई नदियों के कारण हर साल बड़ी आबादी प्रभावित होती है। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप बिहार को अधिक केंद्रीय सहायता मिलना आवश्यक है।