बिहार में 52 हजार शिक्षकों का डेटा अधूरा, ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रमोशन पर संकट

  • Post By Admin on Sep 01 2026
बिहार में 52 हजार शिक्षकों का डेटा अधूरा, ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रमोशन पर संकट

पटना : बिहार में सरकारी शिक्षकों के डिजिटल सेवा रिकॉर्ड को लेकर शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। करीब 52 हजार शिक्षकों की ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रोफाइल अभी पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाई है। अधूरे या गलत विवरण के कारण आने वाले समय में ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और वेतन वृद्धि जैसी प्रक्रियाओं में परेशानी खड़ी होने की आशंका है। सेवा पुस्तिका, छुट्टी और सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

शिक्षा विभाग की ओर से लंबे समय से शिक्षकों के व्यक्तिगत और सेवा संबंधी विवरण को ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कई बार निर्देश और रिमाइंडर जारी किए गए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में रिकॉर्ड अब भी अधूरे हैं। कई शिक्षकों की जन्मतिथि या नियुक्ति की तारीख में अंतर है, जबकि कुछ प्रोफाइल में आधार, पैन, शैक्षणिक योग्यता, निवास और जाति से संबंधित जानकारी पूरी तरह दर्ज नहीं है। डेटा में इन विसंगतियों का असर विभाग की मैपिंग प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। शिक्षकों की योग्यता और सेवा विवरण के आधार पर तैयार होने वाले रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने से स्कूल आवंटन और स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में दिक्कत आ सकती है।

राज्य के कई जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। पटना में करीब 5,500 शिक्षकों का स्थानांतरण शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विवाद के कारण लंबित है। कटिहार में लगभग 5,200 शिक्षकों की ज्वाइनिंग डेट और वेतन पर्ची में विसंगतियां सामने आई हैं। गया में करीब 4,500 शिक्षकों का डेटा ब्लॉक स्तर पर लंबित बताया जा रहा है। पूर्वी चंपारण में लगभग 4,000 शिक्षकों के सेवा अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की स्थिति सामने आई है। वहीं मुजफ्फरपुर में करीब 3,000 शिक्षकों की रोस्टर और विषयवार मैपिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इन मामलों के समाधान के लिए विभाग स्तर पर रिकॉर्ड की जांच और डेटा सुधार की प्रक्रिया जारी है।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपने सभी जरूरी विवरण सही तरीके से दर्ज और अपडेट करने को कहा है। इसमें विषयवार शैक्षणिक योग्यता और पारिवारिक स्थिति से संबंधित जानकारी भी शामिल है। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिलों में नोडल डीपीओ और तकनीकी सहायकों की व्यवस्था की गई है। सेवा पुस्तिका की जांच के बाद 48 घंटे के भीतर डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।

इधर, बिहार लोक सेवा आयोग ने विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। 32,388 पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी, लेकिन आयोग ने फिलहाल इसे स्थगित कर दिया है। आवेदन की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। ऐसे में TRE-4.0 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आयोग की अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।