बिहार में 11 लाख नए राशन कार्ड बनाने को लेकर बनी सहमति, आपूर्ति अधिकारियों ने टाला आंदोलन

  • Post By Admin on Sep 02 2026
बिहार में 11 लाख नए राशन कार्ड बनाने को लेकर बनी सहमति, आपूर्ति अधिकारियों ने टाला आंदोलन

पटना : बिहार में राशन कार्ड बनाने के लिए 11 लाख नए लाभुकों की पहचान के लक्ष्य को लेकर आपूर्ति पदाधिकारियों और सरकार के बीच बना विवाद फिलहाल खत्म हो गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से संघ की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद आपूर्ति पदाधिकारियों ने प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है।

संघ के अध्यक्ष श्रीराम मिश्रा के अनुसार, विभाग की ओर से मांगों को लेकर दिए गए आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में आश्वासनों को लागू नहीं किया गया तो संघ आगे की रणनीति तय करते हुए दोबारा आंदोलन का फैसला ले सकता है। आपूर्ति पदाधिकारियों के लंबे समय से लंबित प्रमोशन के मामले में भी विभाग की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। संघ के मुताबिक, इसी महीने के अंत तक लंबित प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया गया है। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव विभागीय प्रोन्नति समिति के समक्ष भेजे जाएंगे। इससे लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

17 जुलाई 2026 को फोन पर संपर्क नहीं हो पाने के कारण 84 आपूर्ति अधिकारियों के एक दिन के वेतन में की गई कटौती के मामले में भी विभाग ने पुनर्विचार पर सहमति जताई है। अधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण की जांच के बाद जिन अधिकारियों की गलती नहीं पाई जाएगी, उनके काटे गए एक दिन के वेतन को वापस करने की कार्रवाई की जाएगी। नई बिहार आपूर्ति सेवा संवर्ग नियमावली 2026 के तहत आपूर्ति निरीक्षकों के पदनाम में भी बदलाव प्रस्तावित है। नियमावली लागू होने के बाद आपूर्ति निरीक्षक को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी यानी बीएसओ के नाम से जाना जाएगा। नई व्यवस्था में संवर्ग के पुनर्गठन के साथ प्रोन्नति के अवसर बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। पहली प्रोन्नति के बाद पे-लेवल 8 के स्थान पर पे-लेवल 9 दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

सरकार 2007 में लागू बिहार आपूर्ति सेवा संवर्ग नियमावली को समाप्त कर उसकी जगह वर्ष 2026 की नई संवर्ग नियमावली लागू करने की तैयारी में है। नई नियमावली के जरिए संवर्ग का पुनर्गठन किया जाएगा और अधिकारियों के लिए पदोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बदलाव किए जाएंगे। पे-लेवल में प्रस्तावित सुधार का सीधा लाभ अधिकारियों को वेतन संबंधी स्तर पर मिलने की उम्मीद है।

आपूर्ति पदाधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर भी विभाग और संघ के बीच सहमति बनी है। प्रत्येक प्रखंड आपूर्ति कार्यालय के अलावा अनुमंडल स्तर पर कार्यरत सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों के लिए किराये पर वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इन वाहनों का इस्तेमाल जन वितरण प्रणाली की दुकानों के निरीक्षण, राशन कार्ड बनाने और रद्द करने से संबंधित कार्य, सहयोग शिविर तथा लोक शिकायत निवारण से जुड़े मामलों की जांच में किया जा सकेगा। प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों में स्टेशनरी, मरम्मत और रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलने की समस्या का समाधान करने पर भी विभाग ने सहमति दी है। अब हर वित्तीय वर्ष की बजट मांग में कार्यालयों के वास्तविक खर्च को शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्थायी निर्देश जारी किए जाने की बात कही गई है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निदेशक विभूति रंजन चौधरी की अध्यक्षता में आपूर्ति सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता के दौरान क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारियों के लिए वाहन, कैडर का पुनर्गठन, पे-लेवल में सुधार और लंबित प्रोन्नति समेत संघ की विभिन्न मांगों पर सहमति बनी। विभाग की ओर से मिले आश्वासनों के बाद आपूर्ति पदाधिकारियों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। हालांकि संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से शुरू करने पर निर्णय लिया जा सकता है।