बिहार में बाढ़ का कहर, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित; कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट
- Post By Admin on Sep 05 2026
पटना: बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई जिलों के निचले इलाकों में पानी फैलने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में करीब 10 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
गंगा नदी का जलस्तर कई स्थानों पर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी 2016 में दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंचने की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। बाढ़ का असर अब सड़क और रेल यातायात पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पुनपुन नदी का पानी पटना-गया रेलखंड पर पुल संख्या 21 के पास पहुंचने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। कई अन्य ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं।
रेल परिचालन प्रभावित होने से पटना, जहानाबाद और गया के बीच रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे अधिकारियों की ओर से पुल, ट्रैक और आसपास के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर ट्रेनों के परिचालन को लेकर नए निर्णय लिए जा सकते हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में नावों का संचालन किया जा रहा है। राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुधन भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों के साथ-साथ जानवरों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेते हुए राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर में संभावित बदलाव को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।फिलहाल बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराना और रेल एवं सड़क संपर्क को सुरक्षित बनाए रखना है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।