बिहार में CBI जांच के नियम बदले, राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामलों में पहले लेनी होगी अनुमति
- Post By Admin on Sep 05 2026
पटना: बिहार सरकार ने CBI की जांच से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। गृह विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो को कई मामलों में जांच के लिए व्यापक अधिकार दिए गए हैं, लेकिन बिहार सरकार के कर्मचारियों और राज्य सरकार के नियंत्रण वाली संस्थाओं से जुड़े मामलों में CBI को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और निजी व्यक्तियों से जुड़े निर्धारित मामलों में CBI को बिहार सरकार से प्रत्येक मामले में अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं बिहार सरकार के अधीन नियुक्त लोक सेवकों से जुड़े मामलों में राज्य सरकार की पूर्व सहमति अनिवार्य रहेगी।
राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली निगम, कंपनी, बैंक तथा वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े मामलों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। यदि ऐसे संस्थानों के अधिकारियों या कर्मचारियों से संबंधित किसी मामले की जांच CBI करना चाहती है, तो राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक होगी। अनुमति देने या नहीं देने का निर्णय मामले के आधार पर किया जाएगा। नई अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले अपराधों का भी उल्लेख किया गया है। इसका मतलब है कि CBI के लिए जांच के दायरे को कई आधुनिक और नए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्थित किया गया है। कानूनी रूप से यह व्यवस्था दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत राज्य में CBI के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी है। सामान्य तौर पर किसी राज्य में CBI के अधिकार क्षेत्र के लिए राज्य सरकार की सहमति महत्वपूर्ण होती है। बिहार की नई व्यवस्था में एक ओर CBI के लिए कुछ मामलों में व्यापक स्थायी सहमति दी गई है, वहीं राज्य सरकार के अपने कर्मचारियों और राज्य से जुड़ी संस्थाओं के मामलों में अनुमति की व्यवस्था बरकरार रखी गई है।
जानकारों के अनुसार, इस फैसले का प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्व है। हालांकि राज्य सरकार की अनुमति की यह व्यवस्था कार्यपालिका के स्तर पर CBI की जांच से संबंधित है और न्यायालयों के अधिकार अलग बने रहते हैं। उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय किसी मामले में CBI जांच का आदेश दे सकते हैं। नई व्यवस्था के बाद बिहार में CBI जांच को लेकर राज्य और केंद्रीय एजेंसी के अधिकारों का दायरा अधिक स्पष्ट हुआ है। अब केंद्रीय संस्थानों और निजी व्यक्तियों से जुड़े मामलों तथा राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।