आरडीएस कॉलेज में असाइनमेंट लेखन कार्यशाला, छात्रों को मिला शोध लेखन का प्रशिक्षण

  • Post By Admin on Apr 02 2026
आरडीएस कॉलेज में असाइनमेंट लेखन कार्यशाला, छात्रों को मिला शोध लेखन का प्रशिक्षण

मुजफ्फरपुर: जिले के आरडीएस कॉलेज में इतिहास विभाग द्वारा छात्रों के अकादमिक कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से असाइनमेंट लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विशेष रूप से पीजी तृतीय सेमेस्टर के छात्रों ने भाग लिया और शोध लेखन के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला के दौरान छात्रों को ऐतिहासिक साक्ष्यों के विश्लेषण, प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों के प्रभावी उपयोग, सही साइटेशन पद्धति और अकादमिक लेखन कौशल के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही स्थानिक एवं मौखिक इतिहास, डेटा विश्लेषण और प्रभावी प्रोजेक्ट फाइल तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षक एवं सीनेट सदस्य डॉ. संजय कुमार सुमन ने कहा कि शोध लेखन में इतिहास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अतीत की घटनाओं, संस्कृतियों और मानवीय अनुभवों का विश्लेषण कर वर्तमान को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। साथ ही यह नीति निर्धारण में सुधार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों में आलोचनात्मक सोच, साक्ष्य आधारित विश्लेषण और सामाजिक-आर्थिक विकास के पैटर्न को समझने की क्षमता विकसित करती हैं।विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एन. रजवी ने अपने संबोधन में कहा कि असाइनमेंट लेखन में प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है, जिससे मानवीय गतिविधियों और ऐतिहासिक घटनाओं का सटीक पुनर्निर्माण और व्याख्या संभव हो सके।

कार्यशाला में डॉ. अजमत अली, डॉ. अनुपम कुमार, डॉ. ललित किशोर और डॉ. रविंद्र कुमार ने भी अपने विचार साझा करते हुए छात्रों को शोध और लेखन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. ललित किशोर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह कार्यशाला छात्रों के लिए न केवल अकादमिक दृष्टि से उपयोगी साबित हुई, बल्कि उन्हें शोध लेखन की बारीकियों को समझने का एक प्रभावी मंच भी प्रदान किया।