राष्ट्रीय फिल्म नीति और सिनेमा के भविष्य पर मंथन करेगी उच्चस्तरीय समिति, बिहार के अभय सिन्हा भी शामिल

  • Post By Admin on Oct 30 2026
राष्ट्रीय फिल्म नीति और सिनेमा के भविष्य पर मंथन करेगी उच्चस्तरीय समिति, बिहार के अभय सिन्हा भी शामिल

पटना: भारतीय फिल्म उद्योग के विकास और वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान मजबूत करने की दिशा में बिहार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के अध्यक्ष अभय सिन्हा को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा पुनर्गठित उच्चस्तरीय अध्ययन समूह में सदस्य बनाया गया है। प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी की अध्यक्षता वाली इस महत्वपूर्ण समिति में अभय सिन्हा को शामिल किए जाने से राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म उद्योग से जुड़े मुद्दों को उठाने में बिहार की भागीदारी बढ़ेगी। मंत्रालय की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, समिति भारतीय सिनेमा के सामने मौजूद चुनौतियों, नए अवसरों और भविष्य की संभावनाओं का अध्ययन कर केंद्र सरकार को आवश्यक सुझाव देगी।

अभय सिन्हा की नियुक्ति को फिल्म जगत में बिहार और क्षेत्रीय सिनेमा के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से भोजपुरी सहित क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के विकास, उनके व्यावसायिक विस्तार और अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़े मुद्दों को समिति के समक्ष रखने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस अवसर पर अभय सिन्हा ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग के विकास और उसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से गठित उच्चस्तरीय अध्ययन समूह में सदस्य के रूप में शामिल किया जाना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि समिति भारतीय सिनेमा के सामने मौजूद चुनौतियों, नई संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों पर विचार करेगी। भारतीय फिल्म उद्योग में भोजपुरी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्हें उम्मीद है कि समिति के माध्यम से क्षेत्रीय सिनेमा को उचित अवसर, प्रोत्साहन और वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए सार्थक सुझाव सामने आएंगे।

समिति की अध्यक्षता प्रसून जोशी करेंगे। इसके सदस्यों में एनएफडीसी के चेयरमैन जी. कृष्ण कुमार, फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर, रवि कोट्टाराकरा, विवेक अग्निहोत्री, अभिनेता धनुष, बिमल पारेख, अपर्णा पुरोहित, रितेश सिधवानी, कार्तिक आर्यन, सुभाष घई, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अभय सिन्हा और ज्योति देशपांडे शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपर सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे। उच्चस्तरीय अध्ययन समूह का प्रमुख उद्देश्य भारतीय फिल्म उद्योग की दीर्घकालिक विकास रणनीति तैयार करने में सरकार को सुझाव देना है। इसके तहत फिल्म निर्माण और वितरण के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, नई तकनीकों के इस्तेमाल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल प्रोडक्शन, फिल्म बाजार के विस्तार और भारतीय फिल्मों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा राज्यों की सरकारों और फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर सिनेमा के विकास के लिए बेहतर नीतिगत सुझाव तैयार करने पर भी जोर रहेगा।

गौरतलब है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इससे पहले जून 2026 में भारतीय फिल्म उद्योग के विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय अध्ययन समूह गठित करने की घोषणा की थी। अब समिति के पुनर्गठन और सदस्यता के विस्तार के साथ फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया गया है। अभय सिन्हा की इस भागीदारी से भोजपुरी फिल्म उद्योग को भी अपनी समस्याओं, संभावनाओं और विकास से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय विमर्श में प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिल सकता है। खासकर क्षेत्रीय फिल्मों के लिए वित्तीय सहायता, वितरण व्यवस्था, तकनीकी सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दे आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे।