बिहार की कृषि में विकास की अपार संभावनाएं, किसानों की समृद्धि से बढ़ेगी देश की ताकत: राज्यपाल

  • Post By Admin on Oct 29 2026
बिहार की कृषि में विकास की अपार संभावनाएं, किसानों की समृद्धि से बढ़ेगी देश की ताकत: राज्यपाल

पटना : बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा कि बिहार में कृषि विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की उपजाऊ भूमि और मेहनती किसान राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने की क्षमता रखते हैं। कृषि के विकास के बिना बिहार और देश की समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कृषि को आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ाकर उद्यमिता और उद्योग आधारित व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।

राज्यपाल लोकभवन, पटना में आयोजित ‘कृषि आत्मनिर्भरता से उद्यमिता की ओर’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन ‘इनफिनिट न्यू इंडिया: विकसित भारत @2047’ अभियान के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के किसानों में कृषि के प्रति नई जागरूकता पैदा करना और खेती को आत्मनिर्भर बनाने के साथ कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना था। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उन्हें एक ही दिन किसानों और जवानों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना था। उन्होंने 27 अक्टूबर 1964-65 के दौर का उल्लेख करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ नारे को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में किसानों और जवानों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

राज्यपाल ने बिहार की कृषि क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी अत्यंत उपजाऊ है और किसान मेहनती हैं। उन्होंने आम की गुणवत्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले उन्हें लगता था कि उत्तर प्रदेश के आम बेहतर होते हैं, लेकिन बिहार के आमों का स्वाद और गुणवत्ता देखकर उनकी धारणा बदली। उन्होंने इस अनुभव को बिहार की कृषि क्षमता से जोड़ते हुए राज्य में कृषि विकास की संभावनाओं पर विश्वास जताया।

किसानों की समृद्धि से देश की खुशहाली: रामलाल

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र लंबे समय तक अपेक्षित ध्यान से वंचित रहा और किसान भी उतने संगठित नहीं हो पाए, जितने उन्हें होना चाहिए था। हालांकि, अब किसान संगठनों की सक्रियता बढ़ रही है और उनकी समस्याएं सरकार तक पहुंच रही हैं। उन्होंने भारतीय किसान संघ सहित किसान संगठनों की भूमिका का उल्लेख किया।

रामलाल ने कहा कि देश में वास्तविक खुशहाली तभी आएगी, जब कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसान समृद्ध होंगे, तभी देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने कृषि योजनाओं में किसानों के लाभ को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। साथ ही अनुसंधानकर्ताओं से आग्रह किया कि प्रयोगशालाओं में होने वाला शोध खेतों तक पहुंचे, ताकि किसानों को उसका व्यावहारिक लाभ मिल सके। उन्होंने कृषि अनुसंधान और खेती के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, वैज्ञानिक शोध तभी उपयोगी साबित होगा, जब उसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और खेती की उत्पादकता तथा आमदनी बढ़ाने में मदद मिले।

कृषि पत्रकारिता के लिए रमाकांत चंदन सम्मानित

समारोह के दौरान कृषि क्षेत्र में लगभग तीन दशकों से पत्रकारिता कर रहे नवभारत टाइम्स के संपादकीय सलाहकार रमाकांत चंदन को कृषि पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख रामलाल के हाथों सम्मान प्रदान किया गया। रमाकांत चंदन को इससे पहले भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पटना के 16वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। कार्यक्रम में किसान सलाहकार राजा राम सहित कुल सात किसानों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह को पूर्व सांसद पुतुल सिंह, आयुष विभाग के पदाधिकारी डॉ. कयूम और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) से जुड़े धनंजय कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में ‘इनफिनिट न्यू इंडिया: विकसित भारत @2047’ अभियान से जुड़े सामाजिक संगठनकर्ता शैलेश वत्स ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कृषि को आर्थिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता और किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार बताया। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि अनुसंधान, किसान संगठनों और सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय से बिहार की कृषि क्षमता का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।