डिजिटल इनोवेशन पर जियो का फोकस, आकाश अंबानी बोले- हर भारतीय तक पहुंचेंगी नई तकनीकें
- Post By Admin on Jul 18 2026
नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अब खुद को एक डीप टेक कंपनी के रूप में स्थापित करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों को आम ग्राहकों तक डिजिटल सेवाओं के रूप में पहुंचाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के साथ कंपनी ने अपनी तकनीकी रणनीति, डिजिटल सेवाओं की मजबूत वृद्धि और पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी के संकेत दिए हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश एम. अंबानी ने कहा कि कंपनी ने डीप टेक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और कई उन्नत तकनीकों में तेजी से नवाचार किया है। उन्होंने कहा कि जियो का लक्ष्य इन तकनीकों के माध्यम से देश के हर नागरिक तक नई डिजिटल सेवाएं पहुंचाना है, ताकि आने वाले वर्षों में भी कंपनी डिजिटल क्षेत्र में अग्रणी बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ते हुए जियो डीप टेक, डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देगा
कंपनी की तकनीकी प्रगति उसके पेटेंट पोर्टफोलियो और वैश्विक रैंकिंग में भी दिखाई दे रही है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की नवीनतम पीसीटी रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स वैश्विक शीर्ष-20 कंपनियों में शामिल हो गया है। वर्ष 2025 की सूची में कंपनी ने 320 पायदान की उल्लेखनीय छलांग लगाई। जियो का पेटेंट पोर्टफोलियो 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर केंद्रित है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि पहली तिमाही के दौरान जियो की डिजिटल सेवाओं ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के चलते कंपनी की आय में साल-दर-साल 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बीच, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) भी दाखिल कर दिया है। मुकेश अंबानी ने इसे कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रस्तावित आईपीओ निवेशकों को भारत की डिजिटल विकास यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगा।
कंपनी के ताजा संकेतों से स्पष्ट है कि जियो अब केवल दूरसंचार सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि डीप टेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पेटेंट आधारित नवाचार, डिजिटल सेवाओं और सार्वजनिक सूचीबद्धता के जरिए अपने अगले विकास चरण की मजबूत तैयारी कर रहा है।