हिंदी सिनेमा में पहली बार बड़े पर्दे पर दिखी छठ की आस्था, ‘छठी मैया’ गीत ने जीता दिल

  • Post By Admin on Sep 12 2026
हिंदी सिनेमा में पहली बार बड़े पर्दे पर दिखी छठ की आस्था, ‘छठी मैया’ गीत ने जीता दिल

मुंबई: बिहार की समृद्ध संस्कृति और लोक आस्था का महापर्व छठ अब हिंदी सिनेमा में भी भव्य रूप में नजर आने वाला है। फिल्म ‘द व्वान’ का नया गीत ‘छठी मैया’ रिलीज हो गया है। गीत में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया छठ पूजा की भक्ति, परंपरा और भावनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत करती नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि हिंदी सिनेमा में पहली बार छठ पूजा को इस तरह बड़े पर्दे पर प्रमुखता के साथ दिखाया गया है।

‘छठी मैया’ गीत में छठ की आस्था के साथ बिहार की संस्कृति और वन देवी की शक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। लोककथा और फैंटेसी पर आधारित फिल्म ‘द व्वान’ में रोमांस, रहस्य, रोमांच और हास्य का मेल है। इससे पहले फिल्म के गीत ‘समझो ना’ के जरिए दर्शकों को इसकी प्रेम कहानी की झलक मिली थी, जबकि ‘छठी मैया’ फिल्म के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को सामने लाता है।

तमन्ना भाटिया ने कहा कि ‘द व्वान’ का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से पहली बार बड़े पर्दे पर छठ पर्व मनाने और बिहार व पटना की संस्कृति को गौरव के साथ प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक इस गीत को श्रद्धा और आध्यात्मिक भावना के साथ महसूस करेंगे। गायक एवं संगीतकार विशाल मिश्रा ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से गहराई से जुड़ी छठ की पवित्र परंपरा को हिंदी सिनेमा तक पहुंचाना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की खुशबू दुनिया के हर कोने तक पहुंचनी चाहिए और उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने गीत को कौशल किशोर और पूरी ‘द व्वान’ टीम की ओर से दर्शकों के लिए एक छोटी-सी भेंट बताया।

‘छठी मैया’ गीत को विशाल मिश्रा ने गाया और संगीतबद्ध किया है। इसके बोल कौशल किशोर ने लिखे हैं, जबकि कोरियोग्राफी चिन्नी प्रकाश ने की है। गीत जी म्यूजिक के बैनर तले रिलीज हुआ है।फिल्म ‘द व्वान’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है। इसका निर्माण शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने किया है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। लोककथा, फैंटेसी, संगीत और भारतीय संस्कृति के मेल के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों में दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।