फिल्म घूसखोर पंडत पर कोर्ट की सख्ती, टाइटल समेत सभी प्रोमो हटाने का निर्देश

  • Post By Admin on Feb 06 2026
फिल्म घूसखोर पंडत पर कोर्ट की सख्ती, टाइटल समेत सभी प्रोमो हटाने का निर्देश

मुम्बई : नेटफ्लिक्स पर टीजर रिलीज के बाद विवादों में घिरी अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर अब मामला अदालत तक पहुंच गया है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज की ओर से आपत्ति जताई जा रही थी, जिसके बाद अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फिल्म के नाम और उससे जुड़ी सभी प्रचार सामग्री को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता विनीत जिंदल का दावा था कि फिल्म का टाइटल ‘घूसखोर पंडित’ ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है और यह नाम जानबूझकर अपमानजनक तरीके से रखा गया है। देश के कई राज्यों में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग भी उठ रही थी, जिससे विवाद और गहरा गया।

वहीं, फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को आहत करना नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और ‘पंडित’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक पात्र के नाम के तौर पर किया गया है।

नीरज पांडे ने कहा कि फिल्म किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी नहीं करती, बल्कि यह एक व्यक्ति के फैसलों और उसके जीवन की कहानी पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि दर्शकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का निर्णय लिया गया है, ताकि फिल्म को उसके पूरे संदर्भ में देखा और समझा जा सके।

फिलहाल फिल्म सीधे नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है, हालांकि इसकी रिलीज डेट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विवाद के बीच हाई कोर्ट के इस निर्देश को फिल्म से जुड़े पूरे मामले में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है।