मुजफ्फरपुर की कोचिंग संचालिका पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, डॉक्टर से वसूले 2.03 करोड़ रुपए
- Post By Admin on Aug 12 2026
पटना : पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर को झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर 2.03 करोड़ रुपए वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डॉक्टर की पत्नी की शिकायत पर मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके की एक कोचिंग संचालिका, उसके पति और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राजीव नगर पुलिस ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। डॉक्टर की पत्नी ने अपनी शिकायत में बताया है कि वर्ष 2024 में उनके पति की पहचान मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित एक कोचिंग संस्थान की संचालिका और उसके पति से हुई थी। इसके बाद महिला और डॉक्टर के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में महिला ने अपनी मां के इलाज के नाम पर 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मांगी। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही और डॉक्टर मदद के नाम पर रकम देते रहे। बाद में मिठनपुरा में नया कोचिंग संस्थान खोलने के लिए 10 लाख रूपए की मांग की गई, जिसे वापस करने के आश्वासन पर डॉक्टर ने दे दिया।
आरोप है कि जब डॉक्टर ने आगे पैसे देने से इनकार किया, तो कोचिंग संचालिका और उसके पति ने उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित अपने कार्यालय के पास बुलाया। वहां कथित तौर पर महिला ने डॉक्टर के साथ ली गई एक पुरानी सेल्फी दिखाकर दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपितों ने पैसे नहीं देने पर डॉक्टर को जान से मारने की धमकी दी। भय के कारण डॉक्टर ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कथित तौर पर कुल 2.03 करोड़ रुपए आरोपितों को दे दिए।
डॉक्टर की पत्नी ने आरोप लगाया है कि इतनी बड़ी राशि लेने के बाद भी आरोपितों ने दबाव बनाना जारी रखा। उनसे स्टांप पेपर पर यह लिखवाया गया कि अब तक दी गई रकम वापस नहीं मांगी जाएगी। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर ने मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में इस आशय की एक कथित घोषणा भी की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह एक संगठित ब्लैकमेलिंग गिरोह हो सकता है, जो लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलता है। लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर डॉक्टर की पत्नी ने राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन, व्हाट्सएप चैट, स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।