दलाई लामा ने 90 साल की उम्र में जीता ग्रैमी, आध्यात्मिक दुनिया में रचा इतिहास

  • Post By Admin on Feb 02 2026
दलाई लामा ने 90 साल की उम्र में जीता ग्रैमी, आध्यात्मिक दुनिया में रचा इतिहास

नई दिल्ली : बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने अपने जीवन में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में अपना पहला ग्रैमी जीत लिया है। 90 वर्ष की उम्र में यह सम्मान हासिल कर दलाई लामा एक बार फिर दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने विशेष ऑडियो प्रोजेक्ट ‘मेडिटेशन: द रिफ्लेक्शन्स ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए दिया गया है।

दलाई लामा को यह ग्रैमी *बेस्ट ऑडियोबुक, नरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग* श्रेणी में मिला है। अवॉर्ड की घोषणा ग्रैमी के प्री-टेलीकास्ट समारोह में की गई, जिसका सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया गया।

ग्रैमी मिलने के बाद दलाई लामा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस सम्मान को कृतज्ञता और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने लिखा कि वह इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता की साझा जिम्मेदारी की पहचान मानते हैं। दलाई लामा ने कहा कि शांति, करुणा, पर्यावरण की रक्षा और मानव एकता जैसे मूल्य पूरी दुनिया के लिए जरूरी हैं और यह सम्मान इन संदेशों को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

खास बात यह रही कि यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक गुरु को इस श्रेणी में ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। दलाई लामा समारोह में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे, इसलिए उनकी ओर से यह अवॉर्ड मशहूर सिंगर और सॉन्गराइटर रूफस वेनराइट ने स्वीकार किया, जो इस प्रोजेक्ट से भी जुड़े रहे हैं।

इस ऑडियो प्रोजेक्ट को सिर्फ एक एल्बम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव माना जा रहा है। इसमें दलाई लामा की शिक्षाओं, मार्गदर्शक ध्यान सत्रों और संगीत का अनोखा संगम है। एल्बम का संगीत हिंदुस्तानी शास्त्रीय परंपरा से प्रेरित है, जो श्रोताओं को मानसिक शांति, आत्मचिंतन और संतुलन का एहसास कराता है।

दलाई लामा की यह उपलब्धि न सिर्फ आध्यात्मिक जगत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन गई है, जहां उन्होंने यह साबित कर दिया कि उम्र किसी भी नई उपलब्धि के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।