घुसपैठ पर बोले मोहन भागवत, डीएनए एक है तो परमिशन लेकर क्यों नहीं आते
- Post By Admin on Aug 28 2025

नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को अवैध घुसपैठ और धर्मांतरण पर स्पष्ट रुख जताते हुए कहा कि डीएनए भले ही एक हो, लेकिन देश की सीमाओं और व्यवस्थाओं का पालन जरूरी है।
विज्ञान भवन में संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित व्याख्यानमाला “100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज” को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, “अगर डीएनए एक है तो क्या परमिशन लेकर आना गलत है? अगर परमिशन नहीं मिलती है तो नहीं आना चाहिए। बिना नियम के देश में घुसपैठ करना गलत है और इससे उपद्रव पैदा होता है। इसलिए घुसपैठ रोकना जरूरी है। सरकार प्रयास कर रही है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि भारतीय नागरिकों, जिनमें मुसलमान भी शामिल हैं, को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। “मुसलमान भी हमारे नागरिक हैं, उन्हें भी रोजगार चाहिए। लेकिन बाहर से आए लोगों को रोजगार क्यों दें? उनके देश की व्यवस्था उन्हें करनी चाहिए,” भागवत ने कहा।
धर्मांतरण पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पूजा-पद्धति बदलने से पहचान नहीं बदलती। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन से कौम नहीं बदलती, हमारी पहचान एक ही है — हम भारतीय हैं।
इस्लाम को लेकर उन्होंने कहा, “भारत में इस्लाम उसके आने के पहले दिन से है और आगे भी रहेगा। यह मानना कि इस्लाम नहीं रहेगा, हिंदू सोच नहीं हो सकती। हिंदू सोच ऐसी नहीं है। संघर्ष तभी खत्म होगा जब दोनों तरफ विश्वास बनेगा कि हम सब एक हैं और राष्ट्र सबसे ऊपर है।”