Air India को बड़ा वित्तीय सहारा चाहिए, मालिकों से 1.5 अरब डॉलर की नई पूंजी की मांग
- Post By Admin on Aug 25 2026
नई दिल्ली: एयर इंडिया को अपने विस्तार और बदलाव की योजनाओं के बीच बड़े वित्तीय सहारे की जरूरत पड़ती दिखाई दे रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने अपने मालिकों Tata Sons और Singapore Airlines से करीब 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी पूंजी की मांग की है। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब एयरलाइन को पिछले वित्त वर्ष में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, Air India और Air India Express को मिलाकर मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में करीब 2.33 अरब डॉलर का संयुक्त नुकसान हुआ। यह नुकसान पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक बताया गया है। कंपनी के सामने पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाने, विमान बेड़े में सुधार और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। Tata Group ने वर्ष 2022 में Air India का अधिग्रहण किया था। इसके बाद एयरलाइन को नए रूप में खड़ा करने और उसकी सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई। विमान बेड़े के आधुनिकीकरण से लेकर यात्रियों की सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था में सुधार तक कई क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। हालांकि एयरलाइन के बदलाव की प्रक्रिया के बीच कई चुनौतियां भी सामने आई हैं। विमान डिलीवरी, सप्लाई चेन की समस्याएं, परिचालन संबंधी दिक्कतें और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर एयरलाइन की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव ने भी Air India के परिचालन को प्रभावित किया है।
Singapore Airlines की Air India में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी ने Air India के बदलाव की प्रक्रिया में अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है, हालांकि प्रस्तावित नई फंडिंग को लेकर उसने विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि नई पूंजी को मंजूरी मिलती है तो इसे अलग-अलग चरणों में उपलब्ध कराया जा सकता है। Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन पहले यह संकेत दे चुके हैं कि Air India को पूरी तरह मजबूत और आधुनिक एयरलाइन के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में नई पूंजी की मांग को एयरलाइन के दीर्घकालिक बदलाव की योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि Tata Sons और Singapore Airlines की ओर से नई फंडिंग के प्रस्ताव पर क्या फैसला लिया जाता है और इस पूंजी का इस्तेमाल एयरलाइन के आधुनिकीकरण तथा परिचालन सुधार में किस तरह किया जाता है।