326 दिन की घेराबंदी का अंत : किश्तवाड़ में सैफुल्लाह समेत जैश के 7 आतंकी ढेर
- Post By Admin on Feb 23 2026
श्रीनगर : भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊंचाई वाले चतरू क्षेत्र में 326 दिनों तक चले संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के 7 आतंकवादियों को मार गिराने की पुष्टि की है। मारे गए आतंकियों में संगठन का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है। यह अभियान सेना की व्हाइट नाइट कोर ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर अंजाम दिया।
सेना के अनुसार, हाई-एल्टीट्यूड इलाके में बर्फीले, ठंडे और दुर्गम हालात के बीच लगातार 326 दिनों तक ऑपरेशन चलाना बड़ी चुनौती थी। जवानों ने खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड के आधार पर आतंकियों की गतिविधियों को ट्रैक किया और अंततः चतरू इलाके में सभी 7 आतंकियों को ढेर कर दिया।
अभियान के दौरान आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया गया। सेना ने एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेज, आरपीए/यूएसवी समेत अन्य निगरानी संसाधनों की मदद से आतंकियों की लोकेशन चिन्हित की। काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा के जीओसी मेजर जनरल एपीएस बल ने कहा कि यह ऑपरेशन जमीनी स्तर से लेकर एडीजी, आईजी, डीजीपी और आर्मी कमांडर तक सभी स्तरों पर उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है।
22 फरवरी को चतरू क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में 3 आतंकी मारे गए। आतंकियों ने एक मिट्टी के घर से फायरिंग की थी, जिसके दौरान घर में आग लग गई। बाद में वहां से जली हुई लाशें बरामद हुईं, जिनकी पहचान मुश्किल थी। इस कार्रवाई में सेना की 2 पैरा (एसएफ) यूनिट के के9 डॉग ‘टायसन’ को भी गोली लगी।
सेना ने 18 जनवरी को मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ शुरू किया था। शुरुआती मुठभेड़ में 8 जवान घायल हुए थे, जबकि बाद में एक हवलदार ने शहादत दी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को भी मुठभेड़ हुई। वहीं 4 फरवरी को बसंतगढ़ के जोफर जंगलों में अलग अभियान में 2 आतंकी मारे गए थे।
सेना ने कहा कि जवानों की बहादुरी, पुख्ता खुफिया तंत्र और एजेंसियों के मजबूत तालमेल के कारण यह लंबा और चुनौतीपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।