भारत को व्यापारिक झटका, यूरोपीय संघ ने जीएसपी रियायतें की निलंबित

  • Post By Admin on Mar 09 2026
भारत को व्यापारिक झटका, यूरोपीय संघ ने जीएसपी रियायतें की निलंबित

नई दिल्ली : यूरोपीय संघ ने भारत को व्यापारिक मोर्चे पर एक और झटका देते हुए जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) के तहत मिलने वाली टैरिफ रियायतों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस निर्णय के बाद भारत के लगभग 87 प्रतिशत निर्यात पर अधिक शुल्क लागू हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार यह निर्णय 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है और 31 दिसंबर 2028 तक लागू रहेगा। पहले जीएसपी व्यवस्था के तहत भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) टैरिफ से कम दर पर निर्यात करने की सुविधा मिलती थी, जिससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती थी।

अब जीएसपी लाभ निलंबित होने के बाद भारतीय निर्यातकों को एमएफएन के तहत निर्धारित पूरा टैरिफ चुकाना पड़ेगा। इससे विशेष रूप से वस्त्र, परिधान और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यूरोपीय आयोग के अनुसार जीएसपी के तहत मिलने वाली टैरिफ छूट को अस्थायी रूप से रोका गया है। वहीं ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अनुसार इस योजना के तहत निर्यातकों को ‘मार्जिन ऑफ प्रेफरेंस’ यानी एमएफएन शुल्क में निर्धारित छूट मिलती थी, जो कई उत्पादों के लिए औसतन लगभग 20 प्रतिशत तक होती थी।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी कपड़े पर एमएफएन शुल्क 12 प्रतिशत था, तो जीएसपी के तहत उसे लगभग 9.6 प्रतिशत शुल्क पर निर्यात किया जा सकता था। लेकिन अब यह लाभ समाप्त होने के बाद निर्यातकों को पूरा 12 प्रतिशत शुल्क देना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर भारत के कई निर्यात क्षेत्रों पर पड़ सकता है।