Heat Wave के बीच अल-नीनो का कहर, वैज्ञानिकों ने दी गंभीर चेतावनी

  • Post By Admin on Apr 21 2026
Heat Wave के बीच अल-नीनो का कहर, वैज्ञानिकों ने दी गंभीर चेतावनी

नई दिल्ली : दुनिया भर में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर ‘अल-नीनो’ प्रभाव ने चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मौजूदा स्थिति पिछले 149 वर्षों में सबसे शक्तिशाली अल-नीनो का रूप ले सकती है, जिसका असर वैश्विक तापमान और मौसम चक्र पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक के आंकड़ों में यह अल-नीनो सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है। इसके चलते दुनिया की बड़ी आबादी गर्मी, सूखा और चरम मौसम की मार झेल सकती है। अनुमान है कि इस प्रभाव के कारण पृथ्वी की करीब 4 प्रतिशत आबादी सीधे प्रभावित हो सकती है।

क्या है अल-नीनो?

अल-नीनो एक प्राकृतिक मौसमी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। आमतौर पर यह हर 2 से 7 साल में होता है, लेकिन इस बार इसका स्वरूप ज्यादा तीव्र और लंबे समय तक रहने वाला बताया जा रहा है।

गर्मी की लहर और मौसम में बदलाव

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार अल-नीनो के साथ गर्मी की लहर, पैसिफिक मेरिडियन मोड और अन्य मौसमी कारक भी सक्रिय हैं, जो इसे और खतरनाक बना रहे हैं। इससे कई देशों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार महासागर की सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक है। प्रशांत महासागर में 8046 वर्ग मील क्षेत्र में गर्मी की लहर फैल चुकी है। कुछ क्षेत्रों में तापमान 140 साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया है।

चिंता का विषय क्यों?

विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र का तापमान जितना अधिक होगा, अल-नीनो उतना ही शक्तिशाली बनेगा। यह स्थिति वैश्विक जलवायु पर व्यापक असर डाल सकती है, जिससे सूखा, बाढ़ और असामान्य मौसम घटनाओं का खतरा बढ़ेगा। फिलहाल वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आने वाले महीनों को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।