कमरा खुला तो दहल गई पुलिस, 16 बच्चों की हालत देख हर कोई रह गया सन्न

  • Post By Admin on Jul 03 2026
कमरा खुला तो दहल गई पुलिस, 16 बच्चों की हालत देख हर कोई रह गया सन्न

वॉशिंगटन/हैमडेन : अमेरिका के ओहायो राज्य से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक जर्जर मकान से एक ही परिवार के 16 बच्चों को बेहद दयनीय हालत में बरामद किया है। सभी बच्चे कुपोषण के शिकार थे और कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इस मामले में बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी समेत चार वयस्कों के खिलाफ बच्चों को गंभीर खतरे में डालने और अमानवीय परिस्थितियों में रखने का मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस किसी अन्य मामले की जांच के सिलसिले में तलाशी वारंट लेकर घर पहुंची थी। घर के भीतर प्रवेश करने पर पुलिसकर्मी वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। अधिकारियों को पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि मकान के अंदर 16 बच्चे रह रहे हैं। जांच में पता चला कि बच्चों का कभी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था और परिवार ने उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग रखा था।पुलिस के मुताबिक, बच्चों की उम्र डेढ़ वर्ष से 18 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पिछले करीब चार वर्षों से सभी बच्चों को लगभग 12×12 फीट के एक छोटे कमरे में रखा जा रहा था। कमरे और पूरे घर में मानव मल फैला हुआ था तथा चारों ओर गंदगी का अंबार था। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ऐसा भयावह दृश्य कभी नहीं देखा। उनके अनुसार, जानवर भी इन बच्चों से बेहतर परिस्थितियों में रखे जाते हैं। ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि कई बच्चे सामान्य रूप से बातचीत नहीं कर पा रहे थे। 18 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग युवती अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। उन्होंने कहा कि बच्चों की शारीरिक और मानसिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी।

बचाव के बाद सात बच्चों को तत्काल इलाज के लिए कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें दो बच्चों को हेलिकॉप्टर से ले जाना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई थी, जबकि अन्य बच्चों को भी विशेष चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता है। विंटन काउंटी के अभियोजक विलियम आर्चर ने बताया कि चारों आरोपियों पर सेकेंड-डिग्री फेलोनी चाइल्ड एंडेंजर्मेंट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी बच्चों को फिलहाल ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ जॉब्स एंड फैमिली सर्विसेज की अस्थायी देखरेख में रखा गया है। अदालत में पेशी के दौरान चारों आरोपियों की ओर से दोषी नहीं होने की दलील दी गई। अदालत ने प्रत्येक आरोपी की जमानत तीन लाख अमेरिकी डॉलर निर्धारित की है। फिलहाल किसी भी आरोपी की ओर से वकील नियुक्त नहीं किया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से दक्षिणी ओहायो के विभिन्न इलाकों में रह रहा था। आरोप है कि परिवार ने जानबूझकर बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज नहीं बनवाए, ताकि उनके अस्तित्व की जानकारी किसी सरकारी एजेंसी तक न पहुंच सके। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या पहले कभी इस परिवार के खिलाफ बाल संरक्षण एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज हुई थी। जिस मकान से बच्चों को बरामद किया गया, वह हैमडेन गांव में रेलवे लाइन के पास घनी झाड़ियों के बीच स्थित है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में कभी भी इन बच्चों को घर से बाहर खेलते या घूमते नहीं देखा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में इससे पहले वर्ष 2018 में कैलिफोर्निया के चर्चित टर्पिन परिवार का मामला भी सामने आया था, जिसमें 13 बच्चों को वर्षों तक अमानवीय परिस्थितियों में रखने के आरोप में माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।