अमेरिका-ईरान टकराव फिर तेज, होर्मुज जलडमरूमध्य में थमा समुद्री यातायात
- Post By Admin on Jun 27 2026
वाशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन ठिकानों के साथ तटीय रडार केंद्रों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी सैन्य कार्रवाई करते हुए होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित कर दी, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे 25 जून को वाणिज्यिक मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली पर हुए कथित हमले का जवाब बताया। अमेरिकी सेना के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। सेना ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया और कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरिक के निकट विस्फोटों की सूचना दी, हालांकि अमेरिकी हमलों के सटीक स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है और चेतावनी दी कि किसी भी नई सैन्य कार्रवाई का और अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले को युद्धविराम का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" बताया। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यदि ईरान की ओर से आगे कोई हमला हुआ तो अमेरिका उसका जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हालिया घटनाक्रम के कारण इस मार्ग पर फिर से अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच हाल ही में युद्धविराम लागू होने के बाद स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता का पहला दौर पूरा हुआ था और अगले चरण की बातचीत 28-29 जून को प्रस्तावित है। ऐसे समय में हुई ताजा सैन्य कार्रवाई ने शांति प्रक्रिया के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।