उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन की आहट : किम जोंग उन ने बेटी किम जू ऐ को बनाया अपना उत्तराधिकारी
- Post By Admin on Feb 14 2026
सियोल : उत्तर कोरिया से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया को अपनी परमाणु ताकत से चुनौती देने वाले तानाशाह Kim Jong Un ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर अहम फैसला कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी National Intelligence Service (NIS) ने दावा किया है कि किम जोंग उन ने अपनी नाबालिग बेटी Kim Ju-ae को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया है।
इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में North Korea की सत्ता की बागडोर किम जू ऐ के हाथों में जा सकती है। गौरतलब है कि किम जोंग उन ने भी अपने पिता किम जोंग-इल के निधन के बाद सत्ता संभाली थी और अब वही परंपरा अगली पीढ़ी तक बढ़ती दिख रही है।
बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी से मिले संकेत
हाल के महीनों में किम जू ऐ की गतिविधियों में साफ बदलाव देखा गया है। एनआईएस के अनुसार, कई बड़े आधिकारिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी लगातार बढ़ी है। हाल ही में उन्हें अपने पिता के साथ चीन की राजधानी बीजिंग यात्रा पर भी देखा गया, जो उनकी पहली ज्ञात विदेश यात्रा मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक सक्रियता इस बात का संकेत है कि उन्हें भविष्य के नेता के रूप में तैयार किया जा रहा है।
पार्टी सम्मेलन पर टिकी दुनिया की नजर
इस दावे की पुष्टि के लिए अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खुफिया एजेंसियों की नजरें फरवरी के अंत में होने वाले उत्तर कोरिया के पार्टी सम्मेलन पर टिकी हैं। एनआईएस ने संकेत दिया है कि अगर इस अहम सम्मेलन में किम जू ऐ की प्रमुख भूमिका दिखाई देती है, तो उत्तराधिकार की खबरों पर लगभग मुहर लग जाएगी। यह सम्मेलन हर पांच साल में होता है और इसमें देश की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति और परमाणु कार्यक्रम जैसी प्राथमिकताओं पर फैसला लिया जाता है।
बेटे को छोड़ बेटी पर भरोसा
किम जू ऐ, किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू की इकलौती संतान हैं, जिन्हें दुनिया जानती है। उनकी उम्र करीब 13 साल बताई जा रही है और वह पहली बार 2022 में सरकारी टीवी पर नजर आई थीं, जब वह अपने पिता के साथ बैलिस्टिक मिसाइल का निरीक्षण करती दिखीं।
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी का मानना है कि किम जोंग उन का एक बड़ा बेटा भी है, लेकिन उसे कभी सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में बेटे के होते हुए बेटी को वारिस चुनना उत्तर कोरियाई सत्ता संरचना में एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।