नेपाल में जल प्रलय से हाहाकार : 626 की मौत, भोटेकोशी में फिर बढ़ा खतरा
- Post By Admin on Aug 29 2026
काठमांडू : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, देश में अचानक आई बाढ़ और उसके बाद हुए हादसों में मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि 1,924 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस बीच भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पानी और कीचड़ का स्तर दोबारा बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
प्राधिकरण के मुताबिक, जिस इलाके में बुधवार को अचानक बाढ़ आई थी, वहां अब फिर से कीचड़युक्त पानी का बहाव बढ़ रहा है। इससे भोटेकोशी नदी और आसपास के क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और तलाश एवं बचाव अभियान में जुटी टीमों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। खतरा महसूस होने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में नवलपरासी पूर्व में 158, नुवाकोट में 51, गोरखा में 48, नवलपरासी पश्चिम में 47, धाडिंग में 45, तनहुन में 31 और रसुआ में 13 मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में अलग-अलग समय के अपडेट के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या में अंतर भी सामने आया है। प्राधिकरण के एक अपडेट में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों के लापता होने की जानकारी भी दी गई है।
बाढ़ के बाद से कम से कम 1,924 लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल बताए गए हैं। बचाव दल नदी किनारे और पानी के तेज बहाव वाले इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 85 भारतीयों समेत 129 विदेशी नागरिक शामिल हैं। विभिन्न हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे 191 लोगों को भी बचाया गया है। बड़ी संख्या में घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में बाढ़ के बाद करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है। भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, हालांकि सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की ओर फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। वहीं, 21 भारतीय शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। इन्हें एक दिन पहले नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू लाया गया था। भारत सरकार नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए कुल 7,451 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं। जमीनी टीमें नदियों के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं, जबकि दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच चीन की ओर से जारी चेतावनी ने भी चिंता बढ़ा दी है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, दो नदियों के संगम के पास एक बड़ी अवरोधक झील बन गई है, जिसमें करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा होने की जानकारी है। अगले तीन दिनों में इसमें और पानी आने की आशंका जताई गई है। ऐसे में झील के टूटने की स्थिति में निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है।
नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भारत ने बुधवार रात से तीन सैन्य परिवहन विमानों के जरिए कुल 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है। शुक्रवार को भी 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। इसके साथ ही भारत ने 11 मेडिकल और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम भी नेपाल भेजी है। सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने में मदद के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी नेपाल भेजी गई है।