तेहरान से क़ोम तक हवाई हमले, ट्रंप बोले-ईरान के लिए बातचीत में अब बहुत देर

  • Post By Admin on Mar 03 2026
तेहरान से क़ोम तक हवाई हमले, ट्रंप बोले-ईरान के लिए बातचीत में अब बहुत देर

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में क़ोम और तेहरान स्थित विशेषज्ञों की सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) को निशाना बनाया गया। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला उस सत्र के दौरान हुआ जिसमें अगले सर्वोच्च नेता के चयन पर विचार किया जा रहा था। ईरान के संविधान के तहत यही धार्मिक संस्था सर्वोच्च नेता की नियुक्ति और निगरानी के लिए जिम्मेदार है।

तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक क़ोम स्थित विशेषज्ञ सभा के कार्यालय और तेहरान में पूर्व संसद भवन परिसर पर भी हवाई हमले किए गए। एक टेलीग्राम चैनल ने दावा किया कि सत्र में मौजूद कई सदस्य मारे गए या घायल हुए, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह घटनाक्रम अली खामेनेई की कथित मौत के बाद बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच सामने आया है। विशेषज्ञ सभा के एक सदस्य ने संकेत दिया है कि नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति शीघ्र की जाएगी।इजरायली मीडिया ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि तेहरान में एक हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की कुद्स फोर्स के कमांडर दाऊद अलीजादेह को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसने “ईरानी शासन के एक वरिष्ठ कमांडर” पर हमला किया है, हालांकि विस्तृत जानकारी बाद में जारी करने की बात कही गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान की हवाई रक्षा, वायु सेना, नौसेना और नेतृत्व “खत्म हो चुके हैं” और तेहरान अब बातचीत की इच्छा जता रहा है, लेकिन उनके अनुसार “बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है।” सेंटकॉम ने भी कहा है कि अमेरिका ईरान से उत्पन्न होने वाले खतरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में इजरायल ने तेहरान और बेरूत में ईरानी तथा हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों पर एक साथ हवाई हमले किए। वहीं ईरान की क्रांतिकारी गार्ड ने दावा किया कि उसने इराकी कुर्दिस्तान में विपक्षी ठिकानों पर 30 ड्रोन दागे, जिन्हें वह इस्लामिक गणराज्य विरोधी समूह बता रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। जर्मनी ने ईरानी राजदूत को तलब कर क्षेत्र में किए जा रहे हमलों को “गैरजिम्मेदाराना” बताते हुए तुरंत रोकने की मांग की है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायल के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में सैन्य कार्रवाई तत्काल समाप्त करने का आग्रह किया और बल प्रयोग को समस्याओं का समाधान नहीं बताया। इसी बीच इंटरफैक्स की रिपोर्ट के अनुसार रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र में काम रोक दिया है और वहां मौजूद सैकड़ों कर्मचारियों को वापस बुलाया जा रहा है।

इन घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि संघर्ष केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर भी गहराता जा रहा है। अगले सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया, क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शक्तियों की भूमिका आने वाले दिनों में इस संकट की दिशा तय कर सकती है।

• खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है...