ईरान-अमेरिका समझौते को लेकर सस्पेंस बरकरार, ट्रंप के दावे से तेहरान ने बनाई दूरी
- Post By Admin on Jun 14 2026
वाशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर दोनों देशों के बयानों में मतभेद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने वाले हैं और इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुल जाएगा। वहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि समझौते पर हस्ताक्षर की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं हुई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान भविष्य में परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान के यूरेनियम भंडार को नष्ट करने की दिशा में कदम उठाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अपने जन्मदिन 14 जून को इस समझौते को अंतिम रूप देने के इच्छुक हैं। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने ट्रंप के दावे पर सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में आगे बढ़ सकती है, लेकिन तत्काल हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है। बगाई ने दूसरे पक्ष के बदलते रुख का उल्लेख करते हुए इस विषय पर संयम बरतने की बात कही। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि शांति समझौता पहले से कहीं अधिक करीब है और अगले 24 घंटों में इसके अंतिम रूप लेने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि समझौते के बाद पाकिस्तान भी संबंधित प्रक्रियाओं में भागीदारी के लिए तैयार है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका ईरान की अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी कर सकता है तथा ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इसके बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया चलाने और दीर्घकालिक निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाने और लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।