विश्वयुद्ध की झलक आ रही सामने: मिडिल ईस्ट में युद्ध का दायरा बढ़ा, अमेरिका की चेतावनी-अब और होंगे कड़े प्रहार
- Post By Admin on Mar 03 2026
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे समन्वित हमलों का आज चौथा दिन है और हालात लगातार विस्फोटक होते जा रहे हैं। वाशिंगटन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ अभी और “कड़े प्रहार” बाकी हैं, जबकि तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और पूरे क्षेत्र में अमेरिकी व सहयोगी ठिकानों पर हमले तेज करने का ऐलान कर दिया है।
ईरान में तबाही और बढ़ता तनाव
राजधानी तेहरान में सरकारी और प्रतीकात्मक स्थलों को निशाना बनाया गया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) परिसर और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक गोलेस्तान पैलेस को नुकसान पहुंचने की खबर है। सरकारी मीडिया के अनुसार मृतकों की संख्या 700 से अधिक हो चुकी है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि भी शामिल है। दक्षिणी ईरान में एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में 165 लोगों की मौत का दावा किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि “सबसे कड़े प्रहार अभी बाकी हैं।” वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी उद्देश्यों की पूर्ति तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि इसका मकसद ईरान की नौसेना को पंगु बनाना और उसकी परमाणु व मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद घोषित करते हुए चेतावनी दी है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
खाड़ी देशों में सैन्य हलचल
कतर ने दर्जनों ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, हालांकि दो मिसाइलों ने अल-उदैद एयर बेस को नुकसान पहुंचाया। कतर एनर्जी ने हमलों के बाद एलएनजी उत्पादन रोकने की घोषणा की है। कुवैत में तीन अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने “गलती से गिराया गया” बताया। सऊदी अरब ने रियाद के पास कई ड्रोन हमले रोके, जबकि अमेरिकी दूतावासों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई सहित कई देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की है।
इजराइल में हाई अलर्ट
इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान कर उन्हें रोकने की कार्रवाई की। लेबनान से दागे गए दो ड्रोन भी मार गिराए गए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों का बचाव करते हुए कहा कि यह “त्वरित और निर्णायक कार्रवाई” है।
अमेरिका में प्रतिक्रिया
छह अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और 18 के घायल होने की खबर है। अमेरिका ने हमलों का “जल्द जवाब” देने की बात कही है। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है, न कि लंबा युद्ध छेड़ना।
लेबनान और जॉर्डन में निकासी
इजरायली सेना ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में तत्काल निकासी आदेश जारी किए हैं। जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास को भी सुरक्षा कारणों से खाली कराया गया है।
समग्र स्थिति
चौथे दिन तक संघर्ष का दायरा ईरान से निकलकर पूरे खाड़ी क्षेत्र, इजराइल, लेबनान और जॉर्डन तक फैल चुका है। ऊर्जा आपूर्ति, नागरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस बढ़ते युद्ध को रोक पाएंगे या हालात और बिगड़ेंगे।
• खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है....