25 अगस्त से बदलेगी बिहार की सिटी बस सेवा, पटना-मुजफ्फरपुर-गया में उतरेंगी इलेक्ट्रिक बसें
- Post By Admin on Aug 12 2026
पटना: बिहार सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के तीन प्रमुख शहरों पटना, मुजफ्फरपुर और गया में डीजल सिटी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
परिवहन विभाग के अनुसार इस पायलट परियोजना के तहत 25 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 75 पीएम इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें पटना के लिए 50 बसें तथा मुजफ्फरपुर और गया के लिए कुल 25 बसें शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य शहरों में बसों से होने वाले धुएं और प्रदूषण को कम करना है। योजना के तहत इन तीनों शहरों में चल रही डीजल सिटी बसों को धीरे-धीरे हटाकर इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
परिवहन विभाग ने बताया कि दिसंबर 2026 तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद मार्च 2027 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को लगभग दोगुना करने की तैयारी है। पटना में 25 इलेक्ट्रिक बसें पहले ही पहुंच चुकी हैं और उन्हें बस बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। 25 अगस्त के बाद इन बसों को निर्धारित रूटों पर उतारने की योजना है। राजधानी में आगे चलकर कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में राज्य के अन्य शहरों में भी इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से मार्च 2027 तक बिहार के छह जिलों के लिए 400 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है, जिसके लिए प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से बिहार के शहरों में सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप बदल सकता है। सरकार अब ऐसे परिवहन मॉडल पर जोर दे रही है, जिससे प्रदूषण कम हो, ईंधन पर खर्च घटे और यात्रियों को अधिक आरामदायक तथा आधुनिक सफर मिल सके।