फुटाब अध्यक्ष प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा के निधन पर शिक्षक संघों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
- Post By Admin on Aug 06 2026
मुजफ्फरपुर : बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) के अध्यक्ष प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा के आकस्मिक निधन पर बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघों तथा विभिन्न महाविद्यालयों में शोक सभाओं का आयोजन किया गया। शिक्षक समुदाय ने उनके निधन को राज्य के शिक्षक आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
फुटाब की अपील पर बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ द्वय बूटा और बुस्टा ने संयुक्त रूप से स्थानीय कलमबाग रोड स्थित फुटाब महासचिव एवं बूटा संरक्षक प्रो. संजय कुमार सिंह के आवास पर शोक सभा आयोजित की। सभा की अध्यक्षता प्रो. संजय कुमार सिंह ने की। शोक सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा राज्य शिक्षक संघर्ष और आंदोलन के पुराने पुरोधा, दूरदर्शी एवं समर्पित संगठनकर्ता थे। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को तार्किक ढंग से सरकार और संबंधित मंचों के समक्ष रखने तथा उन्हें मनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फुटाब महासचिव सह विधान पार्षद प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रो. सिन्हैया बहादुर का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षकों के हितों, अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हुए लगभग हर महत्वपूर्ण आंदोलन में प्रो. सिन्हा की अग्रणी और सक्रिय भूमिका रही। सभा में उपस्थित शिक्षकों ने उनके लंबे संगठनात्मक जीवन, संघर्षशील व्यक्तित्व और शिक्षक हितों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को स्मरण किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक सभा में बूटा महासचिव डॉ. सुनील कुमार सिंह, बुस्टा कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. जयकान्त सिंह, महासचिव प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, अभिषद् सदस्य प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. मुनेश्वर सिंह, प्रो. राम इकबाल तिवारी, डॉ. ताराचन्द शर्मा, डॉ. अखिलेश डोगरा, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. रविरंजन, डॉ. अशोक साह, डॉ. संध्या कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थीं। शिक्षक नेताओं ने कहा कि प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा का संघर्ष, संगठन क्षमता और शिक्षक हितों के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।