सुजनी कला में साकार हुआ लीचीपुरम आर्ट, मुजफ्फरपुर की लीची को मिली नई कलात्मक पहचान

  • Post By Admin on Aug 20 2026
सुजनी कला में साकार हुआ लीचीपुरम आर्ट, मुजफ्फरपुर की लीची को मिली नई कलात्मक पहचान

मुजफ्फरपुर: शाही लीची के लिए प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर की स्थानीय पहचान को कला और हस्तशिल्प के माध्यम से नई पहचान देने की पहल लगातार आगे बढ़ रही है। लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के तहत सुजनी कला के माध्यम से आकर्षक ‘लीचीपुरम आर्ट’ तैयार किया गया है। अभियान के संस्थापक पर्यावरणविद सुरेश गुप्ता की पहल पर श्रीमती विनीता सिंह ने सुजनी कला के जरिए लीची की थीम को कलात्मक रूप दिया है।

‘लोकल प्राइड ग्लोबल राइड’ के संकल्प के साथ चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य मुजफ्फरपुर की सांस्कृतिक पहचान, पर्यावरण और स्थानीय रोजगार को मजबूत करना है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि लीची के पेड़ों की लगातार कमी से पर्यावरण के साथ-साथ शहर की पहचान और लीची से जुड़े स्थानीय रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में लीची को केंद्र में रखकर कलात्मक और उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पहल की जा रही है।

इसी क्रम में सुधा हस्त उद्योग की संस्थापक विनीता सिंह सुजनी, कोच्चि कला और कैंडल वर्क सहित विभिन्न हस्तशिल्प विधाओं के माध्यम से लीचीपुरम आर्ट को नया रूप दे रही हैं। बताया गया कि बीपीएससी शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र देकर कला और हस्तशिल्प को अपने कार्यक्षेत्र के रूप में चुना। विनीता सिंह द्वारा तैयार किए जा रहे लीचीपुरम आर्ट के उत्पादों में स्थानीय संस्कृति और लीची की पहचान को प्रमुखता दी जा रही है। इसी क्रम में उन्होंने लीची की थीम पर आधारित एक सुजनी शॉल तैयार की है, जिसमें लीची की मिठास और मुस्कान के भाव को कलात्मक तरीके से उकेरा गया है।

अभियान के संस्थापक सुरेश गुप्ता के अनुसार, यह पहल केवल किसी उत्पाद को तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कलाकारों और हुनरमंद लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास भी है। स्थानीय उत्पादों को अपनाने से कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के माध्यम से स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे स्थानीय कला और उत्पादों को बढ़ावा दें तथा मुजफ्फरपुर की लीची और उससे जुड़ी सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करें। अभियान का संदेश है-लीची बचाएं, स्थानीय कला अपनाएं, रोजगार बढ़ाएं और मीठी मुस्कान फैलाएं।