सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर पौधारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण बचाने का आह्वान

  • Post By Admin on Mar 10 2026
सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर पौधारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण बचाने का आह्वान

लखीसराय : चानन प्रखंड के इटौन, मननपुर में प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार महतो ने किया।

इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग के कारण पर्यावरण संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों और बदलती जलवायु परिस्थितियों का असर पर्यावरण पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र भी प्रभावित हुआ है और पहले जहां भारत में छह ऋतुएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती थीं, वहीं अब मुख्य रूप से गर्मी, वर्षा और ठंड का ही प्रभाव नजर आता है।

उन्होंने कहा कि मानसून के समय पर्याप्त वर्षा नहीं होना तथा गर्मी और लू की घटनाओं का बढ़ना जलवायु परिवर्तन का परिणाम है। दुनिया के कई देशों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कनाडा में हिमस्खलन की घटनाएं और इंडोनेशिया में भीषण बारिश के कारण कूड़े के पहाड़ के ढहने जैसी घटनाएं पर्यावरण संकट की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के आसपास कम से कम दस पेड़ अवश्य लगाएं।

कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले के जीवन और योगदान को भी याद किया गया। बताया गया कि सावित्रीबाई फुले का निधन 10 मार्च 1897 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे शिक्षिका, समाज सुधारक, कवयित्री और नारी शिक्षा की प्रबल समर्थक थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के सहयोग से वर्ष 1848 में पुणे में महिलाओं की शिक्षा के लिए पहला विद्यालय प्रारंभ किया था।

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। प्लेग पीड़ितों की सेवा करते समय वे स्वयं इस बीमारी की चपेट में आ गईं, जिससे 10 मार्च को उनका निधन हो गया।

पौधारोपण कार्यक्रम में शक्ति कुमार महतो, रणजीत कुमार महतो, निकेश कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, विनोद कुमार पटेल, उदय कुमार और शिक्षक अरविंद कुमार सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।