परमाणु हमले की बरसी पर पर्यावरण भारती ने पौधारोपण कर दिया शांति और जीवन रक्षा का संदेश
- Post By Admin on Aug 06 2026
लखीसराय : हिरोशिमा दिवस (परमाणु हमला स्मृति दिवस) के अवसर पर गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को चानन प्रखंड क्षेत्र के वृन्दावन (कियूल) में पर्यावरण भारती के तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पौधारोपण अभियान का नेतृत्व सुमित कुमार रवि ने किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने पौधारोपण के वैज्ञानिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "जिस हिंदी माह के अंत में 'न' आता है जैसे सावन, अगहन और फाल्गुन उनमें पौधे लगाना बेहद लाभदायक होता है। इन महीनों में लगाए गए पौधे तेजी से पनपते हैं।" उन्होंने लोगों से अपील की कि सावन के इस पवित्र महीने में अपने घरों के आसपास कम से कम 10 पौधे जरूर लगाएं, क्योंकि बारिश के मौसम में कम मेहनत में ही वृक्षारोपण अभियान सफल हो जाता है।
खेतों में फलदार और सार्वजनिक स्थलों पर देव वृक्ष लगाने का आह्वान
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शाण्डिल्य ने किसानों को अपने खेतों में आम, जामुन, कटहल, अमरूद, बेल और नींबू जैसे फलदार वृक्ष लगाने का सुझाव दिया। वहीं सार्वजनिक स्थानों, मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और राष्ट्रीय-राज्यीय राजमार्गों के किनारे पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़ (देव वृक्ष) के साथ-साथ नीम, अर्जुन, सेमल और करंज के पौधे लगाकर कम से कम 5 वर्षों तक उनकी सुरक्षा करने की बात कही। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी को ऑक्सीजन, फल और औषधि की भारी किल्लत झेलनी पड़ेगी और मानव समाज को कोरोना से भी भयानक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
हिरोशिमा त्रासदी के सबक और वैश्विक शांति पर चर्चा
शैक्षणिक आयाम प्रांत प्रमुख शिक्षक अरविंद कुमार ने हिरोशिमा दिवस का ऐतिहासिक संदर्भ साझा करते हुए बताया कि 6 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर 'लिटिल बॉय' नामक परमाणु बम गिराया था। इस हमले में 80 हजार से अधिक लोग तुरंत मारे गए और शहर का 70 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया। रेडिएशन के कारण आने वाली पीढ़ियां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझीं। इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त को नागासाकी पर हमला हुआ, जिसके बाद जापान के आत्मसमर्पण के साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हुआ।
उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति बनाए रखने और परमाणु हथियारों के खतरे से सचेत करने के लिए हर साल 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। आज के समय में 'लिटिल बॉय' से कई गुना अधिक विनाशकारी हथियार मौजूद हैं, जो एक बटन दबाते ही पूरी सृष्टि को नष्ट कर सकते हैं। ऐसे ऐतिहासिक दिन पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना बेहद स्मरणीय प्रयास है। इस पौधारोपण कार्यक्रम में शिक्षक अरविंद कुमार, सुमित कुमार रवि, छोटे सहनी, राम प्रकाश, आकाश कुमार, अमरेंद्र महतो और राम बिलास शाण्डिल्य सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।