राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर लखीसराय में लोकतांत्रिक संकल्प, बसंत महोत्सव से सजी शाम

  • Post By Admin on Jan 25 2026
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर लखीसराय में लोकतांत्रिक संकल्प, बसंत महोत्सव से सजी शाम

लखीसराय : 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला संग्रहालय, लखीसराय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “माई इंडिया, माई वोट” के अंतर्गत कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने हेतु मतदाता शपथ ली गई। जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र ने अपने संबोधन में अब तक जिले में सफलतापूर्वक कराए गए निर्वाचन कार्यों के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव लोकतंत्र की आत्मा हैं।

इस अवसर पर जिले में मतदाता जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने वाले स्वीप आइकॉन को नव पौध भेंट कर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही बसंत पंचमी महोत्सव का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, सूर्यगढ़ा विधायक श्री रामानंद मंडल, जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश दीक्षित सहित अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा परिसर सांस्कृतिक उल्लास और बसंत पंचमी की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मतदाता जागरूकता को मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला बताया और अधिक से अधिक नागरिकों से मतदान में भागीदारी की अपील की।

जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र ने कहा कि बसंत पंचमी केवल ज्ञान और कला का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द का संदेश भी देता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला बताया।

कार्यक्रम के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रोफेसर प्रवीण उद्धव एवं सहयोगियों तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री मृणाल रंजन द्वारा प्रस्तुत “ताल यात्रा” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा कथक नृत्य की प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया।

इससे पूर्व “मेरा गाँव, मेरी धरोहर” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र में लाली पहाड़ी, श्रृंगी ऋषि धाम, अशोक धाम, जलप्पा स्थान, मोरवे डैम, बिछवे पहाड़ी सहित अन्य स्थलों के ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व पर प्रकाश डाला गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक गाँव और स्थल अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और स्थानीय समुदाय से अपनी धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की।