लखीसराय में शिक्षा सुधार की नई पहल, 10 स्कूलों में शुरू होगी विशेष पायलट योजना
- Post By Admin on Aug 12 2026
लखीसराय : लखीसराय में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को बिहार शिक्षा परियोजना की जिला कार्यकारिणी एवं बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने की।

बैठक में जिले में ड्रॉपआउट दर कम करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिला स्तर पर पायलट योजना के तहत 10 विद्यालयों का चयन किया जाए। इन विद्यालयों में शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय शुरू होने की पहली घंटी में बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी आयोजित की जाए, ताकि उनमें विद्यालय के प्रति रुचि बढ़े और ड्रॉपआउट की समस्या में कमी लाई जा सके। इस योजना के प्रभावी अनुश्रवण और क्रियान्वयन के लिए डायट, लखीसराय के प्राचार्य को नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया।
कक्षा एक में नामांकित बच्चों को विद्यालयी वातावरण से सहज रूप से जोड़ने के लिए सभी प्राथमिक विद्यालयों में ‘चहक’ मॉड्यूल आधारित गतिविधियों और कार्यक्रमों के संचालन का निर्देश दिया गया। बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने तथा इस कार्य में टोला सेवकों को अधिकृत करने को कहा गया। भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करने के लिए डायट, लखीसराय में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कक्षा संचालन से संबंधित व्यावहारिक अभ्यास कराने का भी निर्देश दिया गया। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक इन विधियों का प्रभावी उपयोग कक्षा-कक्ष में कर सकें।
जिला पदाधिकारी ने शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण एवं अनुश्रवण करने तथा शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी पर विशेष बल दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, डायट प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।