प्राकृतिक आपदा से किसानों की कमर टूटी, भाकपा ने राहत व मुआवजे की उठाई मांग

  • Post By Admin on Mar 22 2026
प्राकृतिक आपदा से किसानों की कमर टूटी, भाकपा ने राहत व मुआवजे की उठाई मांग

लखीसराय : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की लखीसराय जिला परिषद ने हाल के दिनों में आई आंधी और बे-मौसम बारिश से किसानों की तैयार फसल को हुए भारी नुकसान पर चिंता जताते हुए बिहार सरकार और केंद्र सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले के किसानों की मेहनत से तैयार फसल व्यापक रूप से बर्बाद हो गई है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं।

किसान नेता रामपदारथ सिंह (सरपंच साहब), भाकपा नेता रविविलोचन वर्मा, रजनीश कुमार तथा जिला मंत्री हर्षित यादव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही क्षणों में नष्ट हो गई। कई स्थानों पर कटाई और मड़ाई से पहले ही खेत और खलिहान उजड़ गए, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

नेताओं ने कहा कि इस गंभीर परिस्थिति में सरकार और प्रशासन की उदासीनता चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे के उप-मुख्यमंत्री, जो लखीसराय का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनके हालिया दौरे के दौरान भी किसानों की समस्याओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जो किसानों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

भाकपा नेताओं ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनके कठिन परिश्रम के कारण ही देश खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना हुआ है। इसके बावजूद राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही निंदनीय है।

पार्टी की ओर से सरकार के समक्ष कई मांगें रखी गई हैं। इसमें प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वेक्षण कर फसल क्षति का आकलन करने, किसानों को कम से कम 25,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने तथा राहत और पुनर्वास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाती है तो भाकपा किसानों और मजदूरों के हित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।