मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में फर्जी स्टांप बिक्री का खुलासा, डीएम के आदेश पर छापेमारी

  • Post By Admin on Aug 20 2026
मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में फर्जी स्टांप बिक्री का खुलासा, डीएम के आदेश पर छापेमारी

मुजफ्फरपुर: कचहरी परिसर में कथित तौर पर फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप की बिक्री का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा संदिग्ध स्टांप पकड़े जाने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस टीम ने कचहरी परिसर में औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।

जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीओ पूर्वी, एसडीपीओ टाउन-1 और कार्यपालक दंडाधिकारी राजू कुमार के नेतृत्व में टीम ने कचहरी परिसर में संचालित विभिन्न दुकानों और गुमटियों की जांच की। जांच के दौरान करीब आधा दर्जन गुमटियों से बड़ी संख्या में संदिग्ध ज्यूडिशियल स्टांप बरामद किए गए। प्रशासन ने जब्त स्टांप को जांच के लिए भेज दिया है।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर के अनुसार, कचहरी परिसर में संचालित अधिकृत स्टांप काउंटर पिछले कई दिनों से बंद था। काउंटर पर ‘लिंक फेल’ होने का बोर्ड लगा था। उनका आरोप है कि अधिकृत काउंटर बंद रहने की स्थिति का फायदा उठाकर अनधिकृत तरीके से स्टांप की बिक्री की जा रही थी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अधिकृत काउंटर पर फ्रैंकिंग मशीन के माध्यम से टिकटों और स्टांप की बिक्री फिर से शुरू कराई गई। बिक्री के दौरान लोगों को कतारबद्ध तरीके से सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान जिला जज ने फ्रैंकिंग मशीन संचालक और अन्य वेंडरों को तलब कर आवश्यक निर्देश दिए। जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार ओझा के अनुसार, प्रधान जिला जज ने स्पष्ट किया कि कचहरी परिसर में केवल पंजीकृत और लाइसेंसी वेंडरों को ही टिकट एवं स्टांप बेचने की अनुमति होगी।

प्रशासन अब बरामद किए गए संदिग्ध स्टांप की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि जब्त स्टांप वास्तव में फर्जी हैं या नहीं और यदि फर्जी पाए जाते हैं तो उनकी बिक्री के पीछे कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।