प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक के खिलाफ बीआरएबीयू में विशाल धरना-प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन तेज

  • Post By Admin on Aug 10 2026
प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक के खिलाफ बीआरएबीयू में विशाल धरना-प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन तेज

मुजफ्फरपुर : प्रस्तावित ‘विश्वविद्यालय अधिनियम-2026’ के विरोध में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के सभी विश्वविद्यालय विभागों, कार्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे और विश्वविद्यालय मुख्यालय में एकजुट होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

संघर्ष मोर्चा के चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विश्वविद्यालय पदाधिकारी, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष तथा कई महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। प्रदर्शन को विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बचाने की लड़ाई बताते हुए वक्ताओं ने प्रस्तावित विधेयक को उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा करार दिया।

धरना से पूर्व राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक तथा फूटाब महासचिव प्रो. संजय कुमार सिंह, सदस्य एवं बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा बीआरएबीयू शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, श्री राम कुमार और श्री राजीव कुमार के नेतृत्व में शिक्षक-कर्मचारी लंगट सिंह महाविद्यालय स्थित गांधी उद्यान के निकट एकत्र हुए। वहां से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, लंगट बाबू और वागीश्वरी बाबू की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जुलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचे।

विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन सभा में परिवर्तित हो गया। सभा शुरू होने से पहले बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और इन्द्रजीत ईश्वर की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया। सभा की संयुक्त अध्यक्षता डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, श्री राम कुमार और श्री राजीव कुमार ने की, जबकि संचालन बुस्टा महासचिव प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता ने किया।

प्रस्तावना रखते हुए प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक के विभिन्न प्रावधानों और उसके संभावित दुष्प्रभावों की विस्तृत चर्चा की। राज्य संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं विधान पार्षद प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि यह विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और इसे रोकने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों को मिलकर लंबी लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघ द्वारा किए गए ऐतिहासिक संघर्षों का भी उल्लेख किया। राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा पश्चिम बंगाल से आए अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ, नई दिल्ली के सचिव जीतन कुमार ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बचाने के लिए शिक्षक-कर्मचारियों की एकता को समय की ऐतिहासिक आवश्यकता बताया।

सभा को संबोधित करने वालों में डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. जयकांत सिंह, प्रो. नवल किशोर शर्मा, प्रो. सतीश कुमार राय, प्रो. ललन कुमार झा, प्रो. रजनीश कुमार गुप्ता, डॉ. एम.एन. रजवी, डॉ. रिंकू कुमारी, डॉ. सोनी भूषण, डॉ. शशिभूषण कुमार, डॉ. चन्द्रशेखर कुशवाहा, डॉ. ईश्वरलाल, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. रविरंजन कुमार तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी संगठनों के कई पदाधिकारी शामिल रहे।

धरना-प्रदर्शन में बीआरएबीयू के विभिन्न विभागों के साथ लंगट सिंह महाविद्यालय, रामदयालु सिंह महाविद्यालय, मंहथ दर्शन दास महिला महाविद्यालय, नीतिश्वर महाविद्यालय, एलएनटी कॉलेज, एमपी साइंस कॉलेज, आरबीबीएम कॉलेज, वैशाली महिला महाविद्यालय, आरएन कॉलेज हाजीपुर, समता कॉलेज जन्दाहा, आरपीएस कॉलेज महनार, श्री राधाकृष्ण गोयनका कॉलेज, आरएसएस कॉलेज सीतामढ़ी, एसके सिन्हा विमेंस कॉलेज मोतिहारी तथा पश्चिम चंपारण और वैशाली जिले के कई महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी पहुंचे।

संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने आंदोलन के तीसरे चरण की भी घोषणा की। इसके तहत 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर एकजुट होकर प्रस्तावित विधेयक के विरोध में जन-जागरण कार्यक्रम चलाएंगे। चौथे चरण में 5 सितंबर 2026 को प्रस्तावित विधेयक के दुष्प्रभावों को लेकर छात्र-संवाद आयोजित किया जाएगा।

आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रो. संजय कुमार सिंह, राघवेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, श्री राम कुमार, श्री राजीव कुमार, प्रो. जयकांत सिंह तथा अतिथि प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. ललित किशोर ने राज्यभर के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और आगे भी एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।